प्रदेश में अब गौण खनिज से भी ली जायेगी डीएमएफ हेतु राशि राज्य खनिज निधि में अब ज्यादा राशि जमा होगी

भोपाल। प्रदेश में अब गौण खनिज ठेकेदारों से भी जिला खनिज प्रतिष्ठान-डीएमएफ के लिये राशि ली जायेगी। जिला खनिज प्रतिष्ठान अब राज्य खनिज निधि में ज्यादा राशि जमा करेंगे। यही नहीं, जिला खनिज प्रतिष्ठान को अपनी निधि व्यय करने के लिये सरकार वार्षिक योजना देगी जिसके अनुसार उसे वित्तीय वर्ष में राशि व्यय करना होगी। ये नये प्रावधान चार साल बाद शिवराज सरकार ने संशोधनों के जरिये किये हैं। ज्ञातव्य है कि मुख्य खनिजों का खनन करने वाले ठेकेदार अपनी वर्ष 2015 के पूर्व की खदानों से रायल्टी का 30 प्रतिशत तथा वर्ष 2015 के बाद की नीलामी वाली खदानों से रायल्टी का 15 प्रतिशत के बराबर राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान में जमा करते हैं। हाल ही में नई रेत नीति के अंतर्गत 50 रुपये प्रति घनमीटर राशि भी जिला प्रतिष्ठान में जमा किये जाने का प्रावधान किया गया है। रेत गौण खनिज में आती है। अन्य गौण खनिजों पर भी इसी प्रकार राशि लिये जाने के लिये खनिज विभाग केबिनेट में प्रस्ताव भेजने जा रहा है। प्रदेश में मेजर मिनरल और रेत से करीब 800 करोड़ रुपयों की राशि जिला खनिज प्रतिष्ठानों में जमा हो रही है। इसमें अकेले सिंगरौली जिले का हिस्सा 60 से 70 प्रतिशत है।
राज्य निधि में ज्यादा निधि आयेगी :
नये प्रावधान के तहत अब जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से राज्य खनिज निधि में ज्यादा राशि आयेगी। इसका कारण यह है कि सिंगरौली जैसे जिले में भारी भरकम राशि जिला प्रतिष्ठान में आती है। पहले राज्य खनिज निधि में वार्षिक प्राप्ति 5 करोड़ से 25 करोड़ रुपये होने पर 25 प्रतिशत राशि राज्य निधि में आती थी परन्तु अब 50 प्रतिशत राशि आयेगी। इसी प्रकार, पहले 25 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक प्राप्ति होने पर 50 प्रतिशत राशि राज्य निधि में आती थी परन्तु अब 75 प्रतिशत राशि आयेगी।
उल्लेखनीय है कि जिला एवं राज्य निधि से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य करने के लिये राशि व्यय की जाती है। पहले विकास कार्यों का अनुमोदन मुख्य सचिव करते थे परन्तु अब सीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इस समिति में वित्त मंत्री, खनिज मंत्री के अलावा मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव वित्त सदस्य होंगे।
भारत माला योजना के लिये दी छूट :
इधर शिवराज सरकार ने केंद्र सरकार की मप्र में क्रियान्वित हो रही भारत माला योजना के कार्यों में उपयोग में आने वाली साधारण मिट्टी एवं मुरम पर रॉयल्टी के भुगतान से शतप्रतिशत छूट प्रदान कर दी है। ये दोनों खनिज गौण खनिज में आते हैं। भारतमाला योजना के अंतर्गत चंबल अटल प्रोग्रेस-वे के लिए यह किया गया है। यह मार्ग 358 कि.मी. का होगा। यह एक्सप्रेस-वे मप्र में 309 किमी, उप्र में 17 किमी और राजस्थान में 32 किमी का होगा।विभागीय अधिकारी ने बताया कि अभी सिर्फ मुख्य खनिजों एवं रेत से ही जिला प्रतिष्ठान के लिये राशि ली जा रही है तथा सिर्फ 22 जिलों में ही ये प्रतिष्ठान बने हुये हैं। रेत के अलावा अन्य गौण खनिजों पर भी जिला प्रतिष्ठान में राशि लिये जाने का जल्द प्रावधान किया जायेगा और सभी जिलों में ये प्रतिष्ठान बन जायेंगे एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य कर सकेंगे।
