डॉ. द्विवेदी के जन्मदिन पर दो दिवसीय निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर आज से

इन्दौर । दूसरों से यदि अलग दिखना है तो दूसरों से अलग खुद को साबित भी करना होगा और इसके लिए जरूरी है कि औरों से अलग कार्य करके दिखाया जाए। भीड़ के साथ चलकर केवल आप भीड़ का हिस्सा बन सकते हैं लेकिन भीड़ को पार करते हुए आगे आने पर औरों के आदर्श बनने से आपको कोई नहीं रोक सकता। यह उदाहरण सबके सामने होम्योपैथी के क्षेत्र में डॉ. एके द्विवेदी ने पेश किया। 16 दिसंबर को अपने जन्मदिन पर वे स्वस्थ रहने के लिए लोगों को 24 मंत्र अपनाने की सलाह तो देंगे ही साथ ही इस अवसर पर 2 दिवसीय निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन एडवांस्ड वेलनेस सेंटर ग्रेटर ब्रजेश्वरी पिपल्याहाना इंदौर पर दिनांक 15 एवं 16 दिसंबर 2020 को आयोजित भी कर रहे है।
अमूमन लोगों का यह मानना है कि जिस रोग का उपचार अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं उसका उपचार होम्योपैथी में भी नहीं, जबकि ऐसा नहीं है। हर रोग का उपचार होम्योपैथी में है बशर्ते उसे विश्वास और सही ढंग से अपनाया जाए। यदि जीवन में हम 24 मंत्रों को अपना लें तो स्वस्थ रह सकते हैं। यह मंत्र बहुत जटिल नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे बदलाव लिए हुए हैं जिनमें सेहत का राज छुपा है। सुबह जल्दी उठने से लेकर रात को जल्दी सोने तक की दिनचर्या के दो मंत्र तो यही हैं। शेष 24 मंत्र भी ऐसे ही सहज हैं जैसे 'नाश्ता हो पौष्टिक, खाना हो हल्का, मोटापा घटाएं न कि न्यूट्रिएन्ट्स, पैक्ड और जंक फूड से बचें, तन की शक्ति मन की शक्ति योग से है, खुद के साथ भी बेहतर वक्त बिताएं, गहरी व पर्याप्त नींद लें" आदि।
डॉ. ए.के. द्विवेदी ने बताया कि शिविर में केवल पूर्व में पंजीकृत मरीज ही देखे जायेंगे आजकल लोगो को जिस तरह से कोरोना का डर व्याप्त है उससे उनकी जो जटिल बीमारियां पहले से चली आ रही है उसका इलाज मरीजों को नहीं मिल पा रहा जिसके कारण उनकी बीमारी बढ़ती जा रही है, शिविर में सभी लोगों को मास्क लगाकर ही आने के निर्देश दिए गए हैl शिविर में साधारण मौसमी सर्दी जुकाम से बचाव हेतु 15 दिन की निःशुल्क होम्योपैथिक दवा भी प्रदान की जाएगी l आज के इस महामारी के माहोल में मैं इस बार अपना जन्म दिन बिना किसी बड़ी पार्टी या बिना शोर शराबे के समाज को और प्रकृति को कुछ लोटाने के लक्ष्य से मना रहा हूँl
उन्होंने बताया कि “रक्त की कमी कई लोगों की जान खतरे में डाल देती है और आज भी कई भारतीय इस कमी पर ध्यान नहीं देते। खून की कमी से कमजोरी आना, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी, थकान आदि समस्या हो जाती है। एनीमिया को समय रहते ठीक किया जा सकता है। 24 मंत्रों को अपनाकर व होम्योपैथी चिकित्सा से एनिमिया होने से बचा जा सकता है और उसके होने पर स्वस्थ भी हुआ जा सकता है। इसी तरह अप्लास्टिक एनीमिया रक्त का एक ऐसा विकार है जिसमें शरीर में खून की कमी, नई कोशिकायें पर्याप्त मात्रा में रक्त बनाना बन्द कर देता है। यह अवस्था जन्मजात या बोनमैरो को हुये नुकसान की वजह से होती है, जिसमें मरीज को बार-बार रक्त चढ़ाना या फिर बोनमैरो प्रत्यारोपण कराने जैसे खर्चीले और दर्दनाक उपचार लेना होते हैं। होम्योपैथी के जरिए बेहद कम खर्च में इसका उपचार किया जा सकता है।
:: डॉ द्विवेदी के इन 24 मंत्रों को अपनाकर रह सकते हैं स्वस्थ ::
– खुद को न करें नजर अंदाज
– अपनी हॉबी से तनाव को करें दूर
– घर पर तैयार खाना है बेहतर
– ध्यान (मेडिटेशन) करके रखें मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान
– भूखे रहना नहीं है, समाधान
– पानी पियें छान कर
– मोबाईल के उपयोग का समय निश्चित करें
– प्रत्येक दिन के कार्य की समय-सारिणी बनाएं
– रात में सोने से पहले दिनभर की गतिविधियों का आंकलन करें
– प्रत्येक कार्य का लक्ष्य निर्धारित कर तनाव से बचें
– अपने शरीर की क्षमता जानकर ही कार्य करें
– खाने की वस्तुओं में रोज बदलाव करें
– जलन, ईर्ष्या व बुराई से दूर रहें
– अधिक नमक का सेवन न करें
– शक्कर युक्त खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी
– ताजे फलों को करें आहार में शामिल
– नारियल पानी है अमृत पेय
– दूध पिएं रोजाना
– लड़कियां जीरो साईज के पीछे न भागें।
– देर तक ना देखें, टीवी या मूवीज।
– सोने का समय हो निश्चित।
– शरीर व फेफड़ों को बचाना है तो छोड़ दें धूम्रपान
– तांबे के पात्र में भरा जल का सेवन करें
– सीढ़ियों का प्रयोग हमेशा करें, लिफ्ट में सवार होने की बजाय
