निकाय चुनाव के बहाने सियासत की नई जमीन तैयार

भोपाल । मप्र में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के दो दिग्गज आमने-सामने आने की तैयारी में हैं। मामला नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण भोपाल नगर निगम और महापौर की सीट पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने दिग्विजय सिंह को आगे कर दिया है। कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए बनाई समिति में राज्यसभा सांसद और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को सबसे ऊपर रखा है। समिति में उनके अलावा कांग्रेस विधायक आरिफ अकील, आरिफ मसूद, पीसी शर्मा, नरेश ज्ञानचंदानी, महेंद्र सिंह चौहान सहित कई चेहरे भी शामिल हैं। उधर बीजेपी में भोपाल की कमान सीधे-सीधे सीएम शिवराज संभाल रहे हैं।
कांग्रेस का यह दांव भोपाल नगर निगम सीट जीतने के लिए खासा अहम माना जा रहा है। दिग्विजय सिंह की भोपाल में अच्छी पकड़ मानी जाती है। वो इस बात का ऐलान भी कर चुके हैं कि राजगढ़ की वोटर लिस्ट में से अपना नाम कटवा कर उन्होंने भोपाल से जुड़वा लिया है। और भोपाल ही अब उनकी कर्म स्थली होगी। भोपाल के विकास के लिए दिग्विजय सिंह कई बार अपने सुझाव सरकार को दे चुके हैं। ऐसे में भोपाल नगरीय निकाय चुनाव में मुद्दों से लेकर उम्मीदवार तय करने तक के लिए बनाई गई कमेटी में दिग्विजय सिंह को प्रमुखता देकर कांग्रेस ने बीजेपी को एक बार फिर बड़ी चुनौती दे दी है।
शिवराज के हाथ में कमान
उधर नगरीय निकाय चुनाव में भी बीजेपी की ओर से भोपाल में सीधे तौर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कमान संभाल रखी है। पिछली बार शिवराज समर्थक आलोक शर्मा जीतकर महापौर बने थे और इस बार भी भोपाल नगरीय निकाय के लिए शिवराज सिंह चौहान की पसंद ही पार्टी का चेहरा होगा।
क्या कहते हैं दिग्विजय समर्थक नेता
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा हैं और भोपाल में उनकी पकड़ से नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को फायदा होगा। भोपाल की पहली महिला पूर्व महापौर और कांग्रेस प्रवक्ता विभा पटेल का भी मानना है कि दिग्विजय सिंह को समिति में शामिल करने से नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को फायदा होगा।
दिग्विजय सिंह की मजबूत पकड़
बहरहाल भोपाल के नगरीय निकाय चुनाव के बहाने शिवराज और दिग्विजय अब आमने-सामने होंगे। दिग्विजय सिंह भले ही खुलकर चुनाव प्रचार नहीं कर रहे हों, लेकिन पर्दे के पीछे दिग्विजय सिंह की रणनीति ही काम करेगी और उसे कम नहीं आंका जाता जाता है। जनता से लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं तक उनकी मज़बूत पकड़ है। यही कारण है कि भोपाल सीट को लेकर कांग्रेस का दिग्विजय सिंह पर भरोसा जताना बीजेपी के लिए चुनौती जरूर साबित हो सकता है।

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