18 दिसंबर शुक्रवार से सरकारी के साथ ही प्रदेश के निजी स्कूल भी खुलने जा रहे
कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने 31 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिये थे, जिससे नाराज निजी स्कूल संचालकों ने प्रदर्शन की रणनीति बनाई और ऑनलाइन कक्षाएं बंद करने की चेतावनी दी, जिसके बाद निजी स्कूलों की जिद के आगे सरकार को स्कूल खोलने के आदेश जारी करने पड़े और अब 18 दिसंबर, शुक्रवार से सरकारी के साथ ही प्रदेश के निजी स्कूल भी खुलने जा रहे हैं.
भोपाल। मध्य प्रदेश में 9 माह बाद स्कूलों के ताले खुलने जा रहे हैं. शुक्रवार से प्रदेश के शासकीय ओर आशासकिय स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी. प्रदेश सरकार ने यह निर्णय कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए किया है. वहीं प्राइवेट स्कूल संचालकों ने स्कूल खोलने के लिए सरकार पर दबाव बनाते हुए ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी थीं, ऐसे में सरकार को प्राइवेट स्कूलों की मांगे माननी पड़ी और आखिरकार स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी गई, शासकीय स्कूलों के लिए शासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है तो वहीं प्राइवेट स्कूलों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
बजेगी स्कूल की घंटी
कोरोना संक्रमण के बीच नो माह बाद प्रदेश के निजी स्कूल भी कल से खुल जाएंगे. निजी स्कूलों ने सरकार के समक्ष स्कूलों को खोलने की मांग रखी थी, लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने 31 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिये थे, जिससे नाराज निजी स्कूल संचालकों ने प्रदर्शन की रणनीति बनाई और ऑनलाइन कक्षाएं बंद करने की चेतावनी दी, जिसके बाद निजी स्कूलों की हट के आगे सरकार को स्कूल खोलने के आदेश जारी करने पड़े और अब 18 दिसंबर से प्रदेश के निजी स्कूल भी खुलने जा रहे हैं.
यह हैं स्कूलों की तैयारी
स्कूलों को खोलने के लिए निजी स्कूलों ने सरकार के समक्ष कुछ मांगे रखी थीं और उसमें यह स्पष्ट था कि सरकार स्कूल खोलने की अनुमति दे स्कूल खोलने के बाद अगर किसी बच्चे को कोई समस्या होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल लेगा, ऐसे में निजी स्कूलों ने खास तैयारियां की हैं, जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं की कक्षाओं के लिए 15 क्लास रूम तैयार किए, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके. राजधानी के बड़े निजी स्कूलों ने सोशल डिस्टेन्स का पालन करने के लिए एक क्लास में केवल 10 बच्चों को बैठाने की व्यवस्था की है. साथ ही स्कूल में बाहर सेनेटाइजर मशीन लगाई है, मास्क स्कूलों में उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की है, वहीं स्कूलों में खेल-कूद गतिविधियां और कैंटीन बंद रखी है. प्रेयर के लिए कक्षाओं में ही व्यवस्था की गई है. छात्र क्लास रूम में ही प्रेयर करेंगे वहीं स्कूल के अंदर स्वास्थ व्यवस्था भी की गई है. अगर किसी बच्चे को सर्दी ज़ुखाम या बुखार स्कूल में होता है, तो उसके लिए दवाइयों की व्यवस्था भी की है, निजी स्कूलों में गरम पानी की व्यवस्था की गई है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो.
अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य होगी
राजधानी में कई छोटे प्राइवेट स्कूल भी है, जहां छोटे-छोटे क्लास रूम है, और कम कक्षाएं है इन स्कूलों में बच्चों के लिए सोशल डिस्टेन्स का पालन करना मुश्किल है. हालांकि स्कूलों के प्राचार्यों का कहना है कि हमने शासन की गाइडलाइन का पालन किया है. एक कक्षा में आधी क्षमता से बच्चों को बैठाया जाएगा और सभी के लिए मास्क अनिवार्य होगा. स्कूल के प्रमुख दरवाजे से ही छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. फिलहाल बच्चों का अनुमति पत्र तैयार किया है. कल तक जितने छात्रों की अनुमति मिलेगी उसी के हिसाब से आगे की संख्या तय की जाएगी, बोर्बन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया उनके स्कूल में कक्षा 9वी से 12वी तक कि संख्या 470 है, जिसमें अभी 278 अनुमति मिली है कल तक जितनी परमिशन आएगी, उस हिसाब से आगे का सिटिंग अरेंजमेंट किया जाएगा.
9वीं ओर 11वीं के छात्रों की अनुमति फीसदी
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार स्कूलों में केवल वही बच्चे उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं, जिन बच्चों के अभिभावक उन को स्कूल भेजने की अनुमति देंगे कक्षा 10वीं और 12वीं के अभिभावकों ने छात्रों को स्कूल भेजने की अनुमति दे दी है. लेकिन नवीं और ग्यारहवीं के छात्रों के लिए 10% अनुमति भी अब तक नहीं मिल पाई है, जबकि कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए अभिभावकों की 90 फीसदी सहमति स्कूलों को मिल चुकी है. स्कूल की प्राचार्य ने बताया जिनकी अनुमति नही मिली है उनमें कई छात्र ऐसे हैं, जो स्कूल से काफी दूर रहते हैं और उनके अभिभावक बस या स्कूल की गाड़ी में बच्चों को भेजने के लिए तैयार नहीं है. इसी तरह कुछ छात्र ऐसे भी हैं, जिनका स्वास्थ ठीक नही है इनके पेरेंट्स की परमिशन तो मिल गई लेकिन वे स्वास्थ ठीक होने के बाद स्कूल आएंगे.
विभाग ने जारी की गाइडलाइन
स्कूलों को खोलने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूल और निजी स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसके तहत स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा छात्रों के अभिभावकों की अनुमति के बिना वह स्कूल नहीं आ सकते स्कूल बसों के संचालन से पहले बसों को सैनिटाइज करना उसका मेंटेनेंस इन सभी के जिम्मेदारी स्कूलों की होगी, इसके साथ ही प्राइवेट स्कूलों में अगर किसी छात्र को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी इन सभी गाइडलाइन के साथ शुक्रवार से राजधानी के शासकीय और निजी स्कूल कक्षा नौवीं से बारहवीं के लिए खुलेंगे.
