ईश्वर की कृपा पानी है तो करें यह उपाय , खुल जाएंगे तरक्की के रास्ते

खरमास का महीना शुरू हो चुका है। यह महीना हिन्दू धर्म शास्त्र में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता लेकिन धार्मिक यात्राओं का विशेष लाभ होता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक सूर्य हर माह राशि परिवर्तन करते हैं। जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उसी माह को खरमास कहा जाता है। इस माह शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, लेकिन कुछ चीजों का ध्यान रखकर आप ईश्वर कि विशेष कृपा पा सकते हैं। तो आइये जानते हैं वह विशेष उपाय- खरमास में सूर्य देव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि सूर्य की पूजा करने से व्यक्ति को सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। हमारे हिन्दू धर्म तुलसी का विशेष महत्व है। खरमास में तुलसी की पूजा विशेष फलदायी होती है। खरमास के महीने में तुलसी के पौधे के सामने देशी घी का दिया जलाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से जीवन की समस्याएं कम होने लगती है। कहा जाता है कि इस मास में दान पुण्य करने का विशेष फल प्राप्त होता है, जो इस महीने में दान पुण्य करता है उसे उसका कई गुना फल मिलता है, इसलिए इस महीने में जरुरतमंदों की मदद जरुर करनी चहिये।
ज्योतिश्चार्यों के मुताबिक खरमास में भगवान विष्णु ककी पूजा भी शुभ फल दायक होती है। अगर किसी को भगवान विष्णु की कृपा पानी हो तो खरमास में पड़ने वाली एकादशी का व्रत जरुर करना चाहिए। इससे व्यक्ति को विष्णु भगवान की विशेष कृपा मिलेगी। खरमास के महीने में ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त करनी हो तो पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। खरमास महीने में हर रोज सुबह उठकर स्नान आदि करके पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए और उसके साथ देशी घी का दीपक जलाना चाहिए। वैसे तो हर शुक्रवार को लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है,लेकिन खरमास के महीने में ऐसा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यूँ तो खरमास में सभी मांगलिक कार्यों पर रोक होती है,लेकिन इस मास में धार्मिक यात्रा करने को उत्तम माना जाता है। साथ ही इस मास में भगवत गीता, विष्णु और शिव पूजन करना भी शुभ होता है।
