विवादों में मिस फ्रांस-2021 स्पर्धा, उप-विजेता को यहूदी होने पर झेलना पड़ रहा है अपमान

पेरिस । आमतौर पर भाषा जाति संप्रदाय को लेकर निष्पक्ष कहे जानी वाली सौंदर्य स्पर्धाओं में भी अब इस तरह के विवाद उत्पन्न होने लगे हैं। हालही में फ्रांस की सौंदर्य प्रतियोगिता ऐसे ही विवाद के घेरे में आ गई है। मिस फ्रांस 2021 प्रतियोगिता की उप-विजेता एप्रिल बिनेयून को उनके इजरायली मूल का होने के कारण सोशल मीडिया पर नफरत और आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। 21 साल की एप्रिल बिनेयून को ऑनलाइन समारोह में दूसरे स्थान से सम्मानित किया गया। उसने एक इंटरव्यू के दौरान अपने इजरायली मूल का खुलासा किया जिसके चलते ट्विटर पर यहूदियों के खिलाफ हमले होने लगे। इन ट्वीट्स की फ्रांसीसी राजनेताओं और यहूदी समूहों द्वारा कड़ी निंदा की गई है। एक अखबार को दिए एक इंटरव्यू में एप्रिल ने कहा कि उन्होंने इससे पहले यहूदी विरोधी बातें अपने रिश्तेदारों के मुंह से सुनी थी लेकिन 2020 में इस तरह की बातें और लोगों के खराब और नफरत भरे व्यवहार को झेलना बहुत कष्टदायक है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस व्यवहार और इस तरह की टिप्पणियों की निंदा करती हैं और ये बातें उन्हें बिकुल प्रभावित नहीं करती। एप्रिल ने इस प्रतियोगिता में दक्षिण पूर्वी प्रोवेंस का प्रतिनिधित्व किया था।
फ्रांस के गृहमंत्री जेराल्ड डर्मैनिन ने सुश्री बिनेयून के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर दुःख जताते हुए कहा कि वे इन हमलों से बहुत सदमे में हैं और इस तरह की चीजों को होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस इन बेहूदे ट्वीट्स की जांच पड़ताल कर रही है। फ्रांस में यूरोप की सबसे बड़ी यहूदी आबादी लगभग आधे मिलियन है। फ्रांस ने हाल के वर्षों में कई यहूदी-विरोधी हमलों को देखा है। फ्रांस सरकार ने देश में यहूदियों के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न का जवाब देने के लिए कदम उठाने का प्रयास किया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले साल फरवरी महीने में लगातार हो रहे यहूदी हमलों की निंदा करते हुए इससे निपटने के लिए उपायों की घोषणा की थी। उन्होंने इंटरनेट पर यहूदियों के प्रति नफरत से निपटने के लिए संसद में कानून बनाने की भी घोषणा की थी। प्रतियोगिता के आयोजकों ने सुश्री बेनाउम के खिलाफ अभद्र भाषा की निंदा करते हुए कहा कि यह चैनल, उत्पादन और शो के मूल्यों के बिलकुल विपरीत हो रहा है। मिस फ्रांस प्रतियोगिता की स्थापना 1920 में पत्रकार मौरिस डी वाल्फे ने की थी जिसके चलते 2021 की प्रतियोगिता शताब्दी संस्करण के रूप में मनाई जा रही थी।
