स्कॉटलैंड से इंदौर लौटा युवक संक्रमित

इंदौर । यूके में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगने के बाद इंदौर समेत पूरे राज्य में यहां से आने वाले यात्रियों की निगरानी शुरू हो गई है। भोपाल से इंदौर के स्वास्थ्य अधिकारियों को अब तक 125 यात्रियों की सूची मिली है। एहतियातन इनमें से 30 यात्रियों और उनके संपर्क में आने वाले 35 लोगों के सैंपल बुधवार को जांच को लिए थे, जिनकी रिपोर्ट गुरुवार देर रात आई। इनमें से 28 साल के युवक में कोरोना के लक्षण नजर आए हैं। इसके बाद सुबह ताबड़तोड़ उसे सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की तीसरी मंजिल पर आइसोलेट किया गया है। युवक का सैंपल लेकर उसे पुणे या दिल्ली के लैब में भेजा जा रहा है।
सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुमित शुक्ला के अनुसार ब्रिटेन से जो यात्री इंदौर आए हैं, इसमें से एक युवक में पॉजिटिव है, जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मरीज में वैसे तो लक्षण नजर नहीं आ रहे, लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एहतियातन विशेष निगरानी में अलग रूम में रखा गया है। यहां किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। आइसोलेशन के स्टैंडर्ड को फॉलो करते हुए इलाज शुरू किया गया है। इनके सैंपल को हम वायरस के वेरियंट की जांच के लिए दिल्ली या पुणे भेजेंगे। रिपोर्ट के बाद ही आगे का इलाज किया जाएगा।
वायरस का वेरिएंट चेक करने के लिए भेज रहे सैंपल
कोविड -19 के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए सैंपल पुणे या दिल्ली की लैब में भेजा जाएगा। अभी हमें वायरस का वेरिएंट पता नहीं है कि यह नया वायरस है या पुराना वाला ही है। यह यूके से आया है, इसलिए आइसोलेशन में रखा गया है। रिपोर्ट के आधार पर तय करेंगे कि उसे अस्पताल में रखना है या फिर होम आइसोलेट करना है।
दो अलग-अलग सूची में 125 यात्रियों की जानकारी मिली
स्वास्थ्य विभाग को यूके से आए यात्रियों की दो अलग-अलग सूचियां मिली थीं। इनमें कुछ नामों की पुनरावृत्ति थी। कुल मिलकर 125 यात्री यूके से इंदौर आए। इनमें 4 अन्य जिलों से हैं। हालांकि दूसरी सूची में आए यात्रियों के सैंपल नहीं लिए गए हैं। इसकी वजह बताई जा रही है कि इंदौर आने वाले यात्री 5 दिसंबर के पूर्व आ गए थे। इस हिसाब से उन्हें यहां आए 20 दिन हो चुके हैं। 14 दिन का क्वारैंटाइन पीरियड भी पूरा हो चुका है, इसलिए इस बात पर भी चर्चा की गई कि यूके से आने वाले ऐसे यात्रियों के सैंपल लिए जाएं, जिनमें लक्षण सामने आया हो।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि हमने पुणे की वायरोलॉजी लैब और एनसीडीसी दिल्ली से मंजूरी ले ली है। यदि जरूरत हुई, तो वायरस का म्यूटेशन पता करने के लिए उसकी जेनेटिक सिक्वेंसिंग करवाई जा सकती है। इसके लिए सैंपल्स बाहर भेजे जाएंगे। प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पूर्णिमा गडरिया ने बताया कि यात्रियों की जांच की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे सभी 5 दिसंबर के पूर्व आए थे। 21, 22, 23 दिसंबर को आने वाले यात्रियों की जांच की जाना है। हमारे यहां इन तारीखों पर यात्रा करने वाला कोई यात्री नहीं आया है।
