यूपीए सरकार ने 12 साल तक दबाये रखी स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट, अब कर रहे गुमराह-योगी

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्हें अपनी सरकारों में किसान और गांवों के विकास के बारे में सोचने की फुर्सत नहीं मिली वो लोग अब किसानों को गुमराह कर रहे हैं। किसानों की उन्नति के लिए बनाए गए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया सपा और बसपा समर्थित यूपीए सरकार ने 12 साल तक स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट दबाकर रखी लेकिन भाजपा सरकार में अब समिति की सिफारिशें लागू कर किसानों को उपज का डेढ़ गुना दाम दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्षी दलों को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पहले नौकरी के लिए युवाओं से वसूली की जाती थी। अब भाजपा सरकार में पिछले साढ़े तीन वर्ष के दौरान योग्यता पर नौकरी मिल रही है। पांच साल में चार लाख नौजवानों को नौकरी देने का लक्ष्य है। किसी ने भी वसूली की कोशिश की तो उसे पता है कि उन्हें जेल में सड़ना होगा।
मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97 वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों से वर्चुअल संवाद के दौरान शुक्रवार को मोहनलालगंज ब्लाक में मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मोहनलालगंज, सरोजनीनगर और बीकेटी के नौ किसानों को ट्रैक्टर की चाभी, आयल मिल, राइस मिल और मोटे अनाज पीसने की मशीन खरीदने के लिए सब्सिडी स्वीकृति का प्रमाण पत्र दिया। अटल को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके जन्मदिन को सुशासन दिवस के रुप में मनाए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने आजादी के बाद अटल जी की सरकार को किसानों का सच्चा हितैषी बताया। सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और अन्नपूर्णा व अन्त्योदय योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा अच्छी सड़कों से किसानों का आवागमन सुलभ हो सका। जिससे किसानों को अपनी उपज बाहर ले जाकर बिक्री करने में बेहद आसानी होने लगी। देश में हाईवे और हर हाथ में मोबाइल मुहैया कराने समेत अन्य योजनाओं से किसान और मजदूरों के परिवार आर्थिक स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के सपनों को हकीकत में बदलकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में लगे हैं। इसी क्रम में आज प्रधानमंत्री ने देशभर के नौ करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की अट्ठारह हजार करोड़ से ज्यादा की धनराशि उनके बैंक खातों में भेजकर उन्हें मदद पहुंचाई। उन्होंने कहा कि 2004 से लेकर 2014 तक देश में सर्वाधिक किसानों ने आत्महत्या की। इसका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में किसानों को दवा, बीज और खाद नहीं मिल पाती थी। किसानों की जमीनों पर निजी कालोनाइजर अवैध कब्जा कर लेते थे। किसानों की उपज का पूरा दाम नहीं मिल पाता लेकिन अब पीएम नरेन्द्र मोदी की सरकार में माफिया की छाती पर बुलडोजर चल रहा है। किसानों को खाद, बीज और न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ आसानी से मिल रहा है। 2017 में यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद 86 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया गया। गन्ना किसानों को एक लाख बारह हजार करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
