कांग्रेस के मोर्चा संगठनों की जिम्मेदारियां पहली बार तय होगी

भोपाल । कांग्रेस संगठन  को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश केपूर्व मुख्यमंत्री और  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ फिर फॉम में आ गए हैं। कांग्रेस  से जुड़े मोर्चा संगठनों की उन्होंने जिम्मेदारी तय करने का निर्णय लिया है। वहीं यह भीस्पष्ट किया है कि जिस संगठन को जो काम सौंपा जाए, वहीं काम उन्हें करना होगा। नए साल से वे मोर्चा संगठनों के पदाधिकारियों की अलग-अलग बैठक भी लेने जा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले मृत हो चुके कांग्रेस संगठन को जिंदा किया और बड़ी संख्या में घर बैठे कांग्रेसियों को उनकी रुचि के अनुसार पद देकर काम सौंपा, जिसका नतीजा यह रहा कि वर्षों बाद चुनाव के दौरान कांग्रेस संगठन मजबूती से मैदान में नजर आया और 15 साल के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। हालांकि राजनीतिक उठापटक के चलते यह सरकार 15 महीने में ही गिर गई। 28 विघधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव मे निराशाजनक परिणाम के बाद ऐसी अटकलें भी  लगाई जा रही हंै कि  कमलनाथ प्रदेश को छोड़कर फिर दिल्ली की राजनीति में कूद पड़ेंगे। हालांकि उन्होंने इन अटकलों को खारिज किया है और एक बार फिर से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कांग्रेस से जुड़े सभी मोर्चा संगठनों की नए सिरे से जिम्मेदारी भी तय. कर दी है और उन संगठन को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसी के हिसाब से अब उन्हें काम करना होगा। नए साल से कमलनाथ कांग्रेस के मोर्चा संगठनों की अलग अलग बैठकें भी लेने जा रहे हैं।
यह जिम्मेदारी तय हुई
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार कमलनाथ ने मोर्चा संगठन को मजबूत करने के लिए जो रणनीति बनाई है, उसके अनुसार महिला कांग्रेस को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे 15 महीने की सरकार के दौरान महिलाओं के लिए जो कार्य किये गए हैं, उसका प्रचार प्रसार करें और गरीब वर्ग से जुड़ी महिलाओं को संगठन से जोड़े। युवक कांग्रेस को बढ़ती बेरोजगारी के बारे में युवाओं के बीच जाने और केंद्र सरकार द्वारा जो युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। उसका झूठ उन्हें बताने का काम करे। भाराछासं को स्कूल-कॉलेज के वे विद्यार्थी जो 18 वर्ष से अधिक की आयु के हैं और पहली बार मतदान में भाग लेंगे, उन्हें कांग्रेस संगठन से जोडऩे और उनकी समस्याओं का निदान करने को कहा गया है। सेवादल को जिम्मेदारी दी गई है कि वे कांग्रेस का इतिहास आम लोगों को बताए। साथ ही इस बात की भी जानकारी दे कि देश की आजादी में कांग्रेस का क्या योगदान रहा है। इसी तरह कांग्रेस की आईटी सेल को काम सौंपा गया है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर भाजपा का हर तरह से मुकाबले करंे और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही  अफवाहों का डटकर जवाब दें।

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