किसान आंदोलन से ध्यान हटाने के लिए साम्प्रदायिक और भावानात्मक मुद्दों को उठाने की साजिशें कर रही है भाजपा

भोपाल। जब पूरे देश के किसान कृषि विरोधी तीन बिलों को वापस लेने की मांग को लेकर 36 दिन से राष्ट्रीय राजधानी को जोडऩे वाले पांचों राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर बैठे हैं और हठधर्मिता पर उतार नरेंद्र मोदी सरकार को भी वार्ता के लिए मजबूर कर रहे हैं, तब प्रदेश की भाजपा की शिवराज सरकार उन्हीं किसान विरोधी नीतियों को लागू कर रही है, जिनका देश भर के विरोध हो रहा है।
मार्क्सवादी  कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए इन कानूनों को लेकर भाजपा नेताओं के विरोधाभाषी बयानो का जिक्र करते हुए कहा है कि जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान अपनी फसल देश में कहीं भी बेच सकते हैं, तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि दूसरे राज्यों से फसल बेचने आए किसानों की फसल ट्रैक्टर ट्राली सहित जब्त कर ली जायेगी। आम किसान जानना चाहता है कि वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री में से किसकी बात पर विश्वास करें?
माकपा नेता ने कहा है कि ठिठुरती सर्दी में जब किसान सडक़ों पर हैं, 48 से अधिक किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं, तब प्रधानमंत्री के मुंह से मृतक किसानों और उनके परिजनों के प्रति संवेदना का एक शब्द तक नहीं निकला है। उलटा इस शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने की साजिशें हो रही हैं। केंद्र सरकार की हठधर्मिता उसकी कारपोरेटपरस्त नीतियों का पर्दाफाश करती हैं, जो किसानों के वोट लेकर कारपोरेट का हितसाध रही है।
जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि किसानों की एकता से डरी और हताश भाजपा अब किसान आंदोलन से जनता का ध्यान हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को उठाकर साम्प्रदायिक विभाजन की साजिशें करने में जुटी है, मगर जनता ने जैसे अभी तक भाजपा की साजिशों को बेनकाब किया है, वैसे ही इस साजिश को भी बेनकाब करेगी।
मार्क्सवादी  कम्युनिस्ट पार्टी ने समस्त धर्मनिरपेक्ष, जनवादी और किसान हितैषी ताकतों को एकजुट होकर संघर्षरत किसानों की मांगों का समर्थन कर भाजपा की विभाजनकारी साजिशों को बेनकाब ही नहीं असल करने की अपील की है।

Leave a Reply