कृषि मंडी बोर्ड के अफसरों ने किया दो करोड़ का घोटाला….

भोपाल।मप्र कृषि मंडी बोर्ड के अफसरों ने दो करोड़ 6 लाख 2 हजार रुपयों के घोटाले को अंजाम दिया। यह घोटाला बारह साल पहले वर्ष 2008 में किया गया जिस पर ईओडब्ल्यु ने वर्ष 2010 में मिली शिकायत पर प्रारंभिक जांच प्रारंभ की और अब आठ साल बाद एफआईआर दर्ज कर ली है।
भोपाल स्थित ईओडब्ल्यु मुख्यालय ने यह एफआईआर भोपाल स्थित कृषि मंडी बोर्ड के तत्कालीन मुख्य अभियंता अशोक कुमार शर्मा, मंडी बोर्ड के ग्वालियर स्थित कार्यालय में पदस्थ कार्यपालन यंत्री दिनेश गौड, मंडी समिति श्योपुर के सचिव अनिरुध्द सिंह तोमर, ठेकेदार मनवीर सिंह चौहान एवं अन्य के खिलाफ
भादवि की धारा 420, 467, 468, 120 बी तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 सी के तहत दर्ज की गई है।
सभी आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने निविदा में हेराफेरी कर 2 करोड़ 6 लाख 2 हजार रुपयों का अधिक भुगतान कर आर्थिक अनियमितता की। मंडी बोर्ड के भोपाल स्थित मुख्यालय में पदस्थ रहे मुख्य अभियंता अशोक कुमार शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने घोटाले की जानकारी मिलने के बाद भी जानबूझकर कोई कार्यवाही नहीं की।
फर्जी रसीदों से किया साढ़े तेरह करोड़ का घपला :
इधर ईओडब्ल्यु ने इंदौर जिले की तहसील महू में स्थित सारडा वेयर हाऊस के संचालक आलोक सारडा, एलटीसी कमर्शियल कंपनी प्रा.लि के सुपरवाईजर संतोष सांवरे और गणेश हिरवे, इसी कंपनी के बिजनेस डेवलमेंट एक्जीक्युटिव गौरव व्यास, एवं अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर 13 करोड़ 43 लाख 50 हजार रुपये का घपला करने का आरोप है। दरअसल आईडीबीआई बैंक लिमिटेड द्वारा किसानों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने एक स्कीम जारी की गई थी जिसके तहत किसानों को उनकी कृषि उपज चना एवं सोयाबीन चिन्हांकित वेयर हाऊस में जमा कराना थी और बदले में वेयर हाऊस से मिली रसीद उक्त बैंक में गिरवी रख ऋण प्राप्त करना था। परन्तु आरोपियों ने 62 हजार 965 बोरे मिलने की फर्जी रसीदें तैयार कर किसानों को दे दीं जिस पर 13 करोड़ 43 लाख 50 हजार रुपये का ऋण मिला। जबकि निरीक्षण में वेयर हाऊस में कोई बोरे नहीं पाये गये। मामला वर्ष 2016-17 का है। बैंक में फर्जी दस्तावेजों एवं जाली साईन से किसानों के खाते भी खोले गये। अब बैंक इस राशि की वसूली हेतु भटक रहा है क्योंकि उसे कोई किसान मिल ही नहीं रहा है।
बोरों में भरे मिट्टी-पत्थर :
वर्ष 2017-18 में हुये एक अन्य घोटाले में भी ईओडब्ल्यु ने सारडा वेयर हाऊस के संचालक आलोक सारडा, सोहनलाल कमोडिटी कंपनी के आपरेशनल मैनेजर विष्णुदत्त पाराशर, सिक्युरिटी गार्ड सुनील चौहान एवं दिनेश भावर तथा अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर आरोप है कि वेयरहाऊस में जमा छह करोड़ रुपयों के चने को बोरों से निकाल कर उसके स्थान पर मिट्टी, पत्थर, भूंसा, चुरी रख दी।
