कोरोना टीकाकरण से पहले कैसी है राज्यों की तैयारी, 10 प्वाइंट में जानें किसे-कैसे लगेगी वैक्सीन

नई दिल्ली | कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मोदी सरकार ने 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की घोषणा की है। 16 जनवरी से भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण का आगाज होगा और देश के विभिन्न इलाकों में प्राथमिकता समूह में आने वाले लोगों को टीका मिलेगा। भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों ने भी कमर कस ली है। अब तक जो सरकार की प्लानिंग है, उसके हिसाब से पहले हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। शनिवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई एक कमेटी की बैठक के बाद टीकाकरण की तारीख पर मुहर लगी। बता दें कि सरकार इससे पहले वैक्सीन को लेकर ड्राई रन कर चुकी है। राज्यों के साथ टीकाकरण को लेकर सामंजस्य बैठाने और चर्चा करने के लिए पीएम मोदी कल मुख्यमंत्रियों संग बैठक भी करने वाले हैं। तो चलिए जानते हैं कि किस राज्य में कैसे ही टीकाकरण की तैयारी।

1. दिल्ली: दिल्ली में 16 जनवरी को 89 सेन्टर से कोविड टीकाकरण की शुरुआत होगी। इसमे 36 सरकारी और 53 निजी अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि फिलहाल सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगेगा और इसके लिए हमारी तैयारी पूरी है। दिल्ली में कुल 609 कोल्ड चेन प्वाइंट बनाये गए हैं। राजीव गांधी सुपर स्पीशलिटी अस्पताल में स्टोरेज है। सिविल लाइन में एक और बनाया है। स्वास्थय़ मंत्री ने बताया कि 12 से 13 जनवरी तक वैक्सीन राजधानी में पहुंच जाएगी।

2. राजस्थान: राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उद्देश्य से किये जाने वाले टीकाकरण के लिए चिकित्सा विभाग ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 16 जनवरी से प्रारंभ होने वाले कोरोना टीकाकरण के प्रथम चरण में करीब 4.5 लाख स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया है, जिन्हें कोविशील्ड कोरोना टीका लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि 282 सेशन साइट पर प्रथम चरण का टीकाकरण होगा। शर्मा ने रविवार को बताया कि कोविड टीके का भंडारण हवाई उड़ान सेवाओं से जुडे़ तीन जिलों- जयपुर, उदयपुर व जोधपुर- में किया जाएगा। यहां टीके को 2 से 8 डिग्री के मध्य रखने की व्यवस्था की गई है। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य में कोविड टीका के भंडारण के तीन राज्य स्तरीय व सात संभाग स्तरीय एवं 34 जिला स्तरीय टीका भंडार बनाया गया है। शर्मा ने कहा कि सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 2,444 कोल्ड चेन प्वाइंट्स कार्यशील हैं और प्रत्येक जिले में एक टीका वाहन भी उपलब्ध है।

3. गोवा: गोवा सरकार ने कोरोना टीकाकरण के पहले चरण के लिए आठ अस्पतालों की पहचान की है, जहां लगभग 18,000  हेल्थ केयर वर्कर्स खुराक प्राप्त करेंगे। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. राजेंद्र बोरकर के अनुसार, इन आठ अस्पतालों से प्रत्येक में 100 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, इस तरह हर दिन कुल मिलाकर 800 लोगों को टीका मिलेगा। राज्य सरकार ने इस टीकाकरण अभियान के लिए पांच सरकारी अस्पतालों और तीन निजी अस्पतालों की पहचान की है। पहले चरण के दौरान लगभग 18,000 हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका दिया जाएगा।

4. पश्चिम बंगाल: बंगाल में सबको मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन मिलेगी। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी सरकार राज्य के सभी लोगों के लिए फ्री में वैक्सीन की व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक खुला पत्र लिखा है, जहां उन्होंने कहा कि पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, सुधार गृह और आपदा प्रबंधन कर्मचारियों सहित कोरोना योद्धाओं को प्राथमिकता के आधार पर टीका दिया जाएगा। 

5. तेलंगाना: तेलंगाना में कोरोना वैक्सीन 16 जनवरी को 139 केंद्रों पर दी जाएगी। इनमें से हर जिले में दो से तीन सेंटर होंगे, जहां वैक्सीन दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री एटाला राजेंद्र ने कहा कि वैक्सीन पर लोगों को यकीन दिलाने के लिए इसकी पहली खुराक वह खुद लेंगे। राज्य सरकार ने कहा कि पहले दिन 139 केंद्रों पर कुल 13,900 टीके लगाए जाएंगे और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में काम करने वाले 2,90,000 स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने नाम पंजीकृत किए हैं।

6. बिहार: बिहार में नीतीश सरकार कोरोना टीकाकरण अभियान को चलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बिहार स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि कम से कम 4.62 लाख स्वास्थ्य पेशेवरों ने कोविन पोर्टल पर पंजीकरण किया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थित स्टोर से टीकों को क्षेत्रीय स्टोर्स में पहुंचाया जाएगा। यहां भी वैक्सीन फ्री मिलेगी।

7. भारत 16 जनवरी से अपने कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेगा। बता दें कि पीएम मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया है। इस अभियान में करीब तीन करोड़ हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को प्राथमिकता दी जाएगी। 

8. सरकार के मुताबिक, करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के बाद 50 वर्ष से अधिक आयु के करीब 27 करोड़ व्यक्तियों और अन्य बीमारियों से ग्रसित 50 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देश के मुताबिक 50 वर्ष की आयु की पहचान के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा।

9. एक डिजिटल टीका आपूर्ति प्रबंधन प्रणाली को-विन टीके के भंडार, भंडारण तापमान, लाभार्थियों के संबंध में जानकारी देगा तथा डिजिटल प्लेटफार्म स्वत: सत्र आवंटित करने, सत्यापन और टीकाकरण के बाद व्यक्तियों को प्रमाणपत्र प्रदान करने में मदद करेगा। बता दें कि भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके 'कोवैक्सीन' के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को पिछले रविवार को मंजूरी दे दी थी।

10. टीकाकरण के लिए हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर्स को रजिस्ट्रेशन यानी अपनी जानकारी दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उनकी जानकारी पहले से ही उनके विभागों के जरिए सरकार के पास मौजूद है और कोविन ऐप में भी दर्ज कर लिए गए हैं। हालांकि, 50 साल से अधिक उम्र के लोगों और बीमारी वाले लोगों को रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी।  16 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि उससे पहले लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल जैसे कई त्योहार हैं। त्योहा खत्म होने के बाद भारत मजबूती से कोरोना वायरस पर वैक्सीन का प्रहार करेगा। 
 

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