10 माह बाद खुले कॉलेज

टीचर ऑनलाइन स्टूडेंट ऑफलाइन; होलकर में 1900 छात्र, पहुंचे सिर्फ 175
40% छात्र नहीं लौटे घरों से, अभी यूजी फाइनल, पीजी थर्ड सेम की ही क्लास, इसलिए उपस्थिति कम
कोरोना संकट के 295 दिन यानी करीब 10 माह बाद सोमवार को पहली बार ऑफलाइन पढ़ाई के लिए कॉलेज खुले। सुबह से ही कॉलेजों में प्रोफेसर और स्टाफ की आवाजाही शुरू हो गई थी, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों में तय समय तक इक्का-दुक्का छात्र ही पहुंचे थे। कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखकर ज्यादातर कॉलेजों में व्यवस्थाएं की गई थीं।
होलकर कॉलेज : उपस्थिति 9 %
सुबह 9.40 बजे 50 से ज्यादा छात्र पहुंच गए थे। कुल उपस्थिति 1900 में से करीब 175 के आसपास यानी लगभग 9 फीसदी रही। एमएससी की एक क्लास में केवल दो विद्यार्थी रहे तो बीएससी की एक क्लास में सिर्फ एक छात्र ने पढ़ाई की। हर क्लास में ऑफलाइन पढ़ाई का ऑनलाइन प्रसारण भी हुआ। मोबाइल स्टैंड लगाकर यह प्रसारण हुआ। किसी भी क्लास में 10 से ज्यादा छात्र नहीं पहुंचे।
जीएसीसी : उपस्थिति सिर्फ 0.8%
जीएसीसी में 10.45 पर पहला छात्र पहुंचा। थर्मामीटर से बुखार चेक करवाकर वह क्लास में गया। फिर अगले 20 मिनट में कुल 14 छात्र आए। इस तरह कई क्लास में तो एक भी छात्र नहीं था। ऑनलाइन क्लास के लिए प्रोफेसर पढ़ाते रहे।
यूनिवर्सिटी के 18 विभागों में जीरो उपस्थिति रही
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के 18 विभागों में छात्रों की उपस्थिति जीरो रही। स्कूल ऑफ सोशल साइंस सहित 12 विभागों में बमुश्किल 90 छात्र पहुंचे। सभी 30 टीचिंग विभागों में टीचिंग स्टाफ की उपस्थिति 90 फीसदी तक रही। नॉन टीचिंग स्टाफ के कर्मचारी भी समय पर पहुंचे। यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी डॉ. चंदन गुप्ता का कहना है टीचिंग विभागों ने सभी छात्रों से अभिभावकों की ऑनलाइन सहमति मांगी थी, लेकिन अभी तक 23 फीसदी छात्रों की सहमति ही आई है।
निजी में 1 से 13% तक छात्र पहुंचे
ओल्ड जीडीसी, न्यू जीडीसी, निर्भय सिंह पटेल सहित अन्य शासकीय कॉलेजों में भी यही हालत रही। कहीं 4 फीसदी तो कहीं 10 फीसदी उपस्थिति रही। निजी कॉलेजों में भी औसत 1 से 13 फीसदी तक ही छात्र पहुंचे।
कम उपस्थिति के तीन प्रमुख कारण
1. हर छात्र को अभिभावकों की लिखित अनुमति साथ लाना जरूरी है।
2. अभी यूजी फाइनल ईयर, पीजी तीसरे सेमेस्टर की ही क्लासेस लग रही हैं। 20
जनवरी से सारे कोर्स की क्लासेस लगेंगी।
3. होस्टल नहीं खुले हैं, इसलिए 40 % से ज्यादा बाहर के छात्र नहीं आ सके हैं।
नहीं पहुंचे 35 प्रोफेसर, अतिरिक्त संचालक ने दिया शोकाज नोटिस
आधा दर्जन कॉलेजों के 35 प्रोफेसरों को अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. सुरेश सिलावट ने शोकाज नोटिस दिया। इनमें से ज्यादातर समय पर कॉलेज नहीं पहुंचे थे। सोमवार दोपहर डॉ. सिलावट ने जीएसीसी, ओल्ड जीडीसी सहित आधा दर्जन सरकारी कॉलेजों का निरीक्षण किया था। इस दौरान 35 प्रोफेसर अनुपस्थित मिले थे।
