मंडी में लाइसेंस लेने वालों से अब शपथ पत्र लेना शुरू

भोपाल । मंडी में व्यापार करने को लेकर अब जो भी लाइसेंस बनवाएगा, उससे मंडी प्रशासन ने शपथ पत्र लेना शुरू कर दिया है। शपथ पत्र में वह किसानों की उपज खरीदने पर कितने दिनों में उपज की राशि का भुगतान करेगा और किस स्थान पर वह व्यापार करेगा, इसकी पूरी जानकारी देना होगी। दरअसल मंडी प्रशासन ने लाइसेंस शुल्क की एफडी राशि जो पांच हजार थी, वह पचास हजार कर दी है। अन्य शुल्क में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले लाइसेंस बनवाने के लिए तमाम खर्च 20 से 25 हजार आता था। वह अब 70 से 75 हजार आएगा। इसको लेकर व्यापारियों में रोष भी देखा गया है।
मंडी बोर्ड के आदेश पर शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही किसानों की यह भी शिकायत आ रही है कि व्यापारी उनसे उपज खरीद लेते हैं, मगर 90 दिन बीतने के बावजूद उपज की राशि का भुगतान नहीं करते। जिस स्थान पर व्यापारियों को उपज बेची गई है उस स्थान पर भी व्यापारी नहीं मिलते। साथ ही लाइसेंस में जो स्थान व्यापार करने का दर्शाया गया है उस स्थान को छोड़कर अन्य स्थान पर व्यापारी अपना कामकाज कर रहे हैं, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। इसी के चलते लाइसेंस बनवाने या नवीनीकरण के दौरान अब शपथ पत्र लेना शुरू किया गया है। शपथ पत्र में अगर कोई व्यापारी किसी दुकान से अटैच होकर काम कर रहा है तो उसकी जानकारी भी लाइसेंस बनवाने वाले को देना होगी, ताकि किसानों को उनकी उपज की राशि देने से दुकानदार लाइसेंसधारी पर दबाव बनवाकर उपज की राशि दिलवा सके। हालांकि बढ़े हुए लाइसेंस शुल्क में कटौती करने का प्रस्ताव भी व्यापारियों के आग्रह पर मंडी बोर्ड को भेजा जा रहा है।
