चेक पोस्ट बनाने से चार गुना बढ़ी रेत रॉयल्टी वसूली

भोपाल । भोपाल संभाग के विभिन्न जगहों पर बनाए गए चेक पोस्ट के एक माह में ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। रेत के अवैध परिवहन, भंडारण और विक्रय पर रोक लगाने के लिए बनाए गए चेक पोस्टों के कारण रेत की रॉयल्टी वसूली चार गुना तक बढ गई है। भोपाल संभाग के अकेले सीहोर जिले में ही 27 दिसम्बर से 9 जनवरी तक लगभग दो सप्ताह में ही पिछली अवधि की तुलना में 3 से 4 गुना तक राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। यह बात कमिश्नर कवींद्र कियावत ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से रेत खनिज रॉयल्टी की समीक्षा के दौरान कही। बैठक के दौरान कलेक्टरों ने बताया कि उनके जिलों में बनाए गए चेक पोस्ट में अनवरत जांच कार्य चल रहा है और बिना रॉयल्टी चुकाए कोई भी वाहन गंतव्य तक नहीं जा पा रहा है। इस पर कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ईटीपी में दूरदराज के जिलों के लिए दी जा रही समयावधि की समीक्षा करें और परिवहन समय को युक्तियुक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि नीमच और भिंड जिलों के लिए जा रही रेत में ईटीपी पर अत्यधिक समय दिया जा रहा है, इसे कम किया जाए। उन्होंने ईटीपी में वाहन के रूट में किन-किन स्थलों से वाहन गुजरेगा, उसकी पूरी जानकारी अंकित करने के लिए कहा है। बैठक में यह तथ्य उभरकर आया कि अकेले सीहोर जिले में ही जहां 10 से 16 दिसम्बर तक मात्र 1 करोड़ 30 लाख रुपये रॉयल्टी मिली थी, वहां 27 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच 4 करोड़ 15 लाख और 3 से 9 जनवरी के सप्ताह में रॉयल्टी की राशि बढ़कर 8 करोड़ 8 लाख रुपये हो गई। बैठक में संभागायुक्त ने विदिशा सहित सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा कि वे गिट्टी, मुरम और कोपरा के परिवहन, भंडारण और विक्रय पर भी निगाह रखें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप किसी भी प्रकरण में राजस्व का नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगली बैठक में रेत खनिज रॉयल्टी में प्रगति पर भोपाल, रायसेन जिले की समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर सीहोर ने बताया कि जिले में 5 जांच चौकियों पर की जा रही जांच से यह परिवर्तन आया है। उन्होंने बताया कि एक-दो खदानों पर और भी मुस्तैदी से कार्य किया जाएगा, जिससे राजस्व में अधिक फायदा होगा।
