बर्ड फ्लू: लोग चिकन और अंडे से बना रहे दूरी

भोपाल ।राजधानी में बर्ड फ्लू की दहशत से लोगों ने चिकन और अंडे से दूरी बना ली है। इस वजह से शहर के पोल्ट्री कारोबारियों का रोजाना 40 लाख का नुकसान हो रहा है। हालत ऐसी हो गई है कि पोल्ट्री (मुर्गीपालन) कारोबार की कमर टूट गई है। अकेले राजधानी भोपाल में ही रोज 40 लाख रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। भोपाल में कुछ मुर्गियों के मरने की खबर के बाद बर्ड फ्लू का डर और बढ़ गया है। इस कारण लोग चिकन खरीदने से कतरा रहे हैं। चिकन के दाम आधे होने के बावजूद कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। राजधानी में तीन हजार से अधिक परिवार पोल्ट्री कारोबार पर आश्रित हैं, जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।भोपाल शहर व आसपास के क्षेत्र में 400 से अधिक पोल्ट्री फार्म हैं, जबकि लगभग तीन हजार चिकन सेंटर है, जहां 70 से 80 लाख रुपये का कारोबार प्रतिदिन होता है। इसके अलावा होटल व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। बीते एक सप्ताह से स्थिति गंभीर हो गई है। कई चिकन सेंटर बंद हो चुके हैं। सरकार ने भी बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पिछले सप्ताह ही दूसरे राज्यों से पोल्ट्री उत्पादों के आने पर रोक लगा दी थी। तभी से लोगों ने चिकन-अंडा से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। शुरुआत में कारोबार जैसे-तैसे चल रहा था, पर अब सस्ता बेचने के बाद भी कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। ऐसे लोग ज्यादा चिंतित-परेशान हैं, जिन्होंने कर्ज लेकर पोल्ट्री फार्म खोला है। वर्तमान में शहर में चिकन व अंडा का कारोबार 50 फीसद भी नहीं बचा है। इस कारण रोज करीब 40 लाख रुपये का नुकसान पोल्ट्री कारोबार उठा रहा है। सुभाष नगर स्थित चिकन सेंटर के संचालक अरबाज खान ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह तक चिकन के भाव 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक थे। वर्तमान में 90 रुपये किलो बेच रहे हैं। बकायदा तख्ती लगा दी है। फिर भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। नयापुरा स्थित सेंटर के संचालक भय्यूभाई ने बताया कि अंडों की बिक्री भी पहले की तुलना में 60 फीसद तक घटी है। जो अंडा पहले सात रुपये प्रति नग बेच रहे थे, वह अभी पांच रुपये में भी कोई नहीं ले रहा है। पोल्ट्री फार्म संचालक यासिन खान ने बताया कि चिकन का उठाव बहुत कम है। भाव आधे कर दिए हैं, फिर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं।
