चार श्रम कानूनों के एकजाई नये नियम बने एमपी कोड ऑन वेजेस रुल्स नाम दिया

भोपाल। सहज व्यवसाय यानि ईज आफ डूईंग बिजनेस के तहत शिवराज सरकार ने चार श्रम कानूनों के अलग-अलग नियमों को खत्म कर एकजाई नये नियम जारी किये हैं जिन्हें एमपी कोड ऑन वेजेस रुल्स 2020 नाम दिया गया है। ये नये नियम आगले माह 27 जनवरी के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिये जायेंगे। राज्य के श्रम विभाग को केंद्र सरकार द्वारा बनाये चार श्रम कानूनों यथा पेमेंट आफ वेजेस एक्ट 1936, मिनिमम वेजेस उक्ट 1948, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 तथा इकुअल रिमुनरेशन एक्ट 1976 का पालन करना होता है। इन चारों कानूनों का नियोक्ताओं को भी पालन करना होता है और अलग-अलग रजिस्टर रखने पड़ते हैं। श्रम निरीक्षक भी इन चारों कानूनों के तहत नियोक्ताओं से रिकार्ड मांगते हैं। इससे नियोक्तताओं को विभिन्न प्रकार के दस्तावेज रखने में परेशान होती थी। इसीलिये अब एक ही नियम बनाकर उक्त चारों कानूनों के प्रावधान इसमें शामिल कर दिये गये हैं। इससे नियोक्ताओं को अब इस नये कोड के तहत निर्धारित फार्म में ही जानकारी रखना होगी। केंद्र सरकार ने भी वर्ष 2019 में कोड ऑन वेजेस जारी किया हुआ है। हालांकि उसने इसे अभी लागू नहीं किया है। मप्र सरकार ने भी इसी आधार पर अपना कोड तैयार किया है। केंद्र का कोड लागू होने पर मप्र का भी कोड लागू हो जायेगा। नये एमपी कोड ऑन वेजेस में 681 कर्मियों की चार कैटेगरी में सूची दी गई है। पहली कैटेगरी अनस्किल्ड लेबर की है जिसमें 123 कर्मी शामिल हैं। दूसरी कैटेगरी सेमी स्किल्ड लेबर की है जिसमें 127 कर्मी सम्मिलित हैं। तीसरी कैटेगरी स्किल्ड लेबर की है जिसमें 320 व्यक्ति शामिल हैं जबकि चौथी कैटेगरी हाई ली स्किल्ड कर्मियों की है जिसमें 111 व्यक्ति शामिल हैं। विभागीय अधिकारी ने बताया कि चार श्रम कानूनों का अलग-अलग पालन में कठिनाईयां आ रही थीं। इसीलिये एक ही कोड बनाकर सरलीकरण किया जा रहा है। इससे नियोक्ताओं को अनेक दस्तावेज नहीं रखने पड़ेंगे।
