सिक्किम में झड़प: लद्दाख में मुंह की खाने के बाद दूसरा फ्रंट खोलने की फिराक में चालबाज चीन

नई दिल्ली |  लद्दाख सेक्टर में पिछले साल जून में मुंह की खाने के बाद भी चीन की चाल बदली नहीं है। अब उसके सैनिकों ने सिक्किम सेक्टर के नाकुला में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय वीरों ने नाकाम कर दिया। जानकारों का कहना है कि चाइनीज सैनिकों की ओर किया गए ताजा दुस्साहस के पीछे चीन की रणनीति यह है कि एक तरफ वह भारतीय सुरक्षा को परख रहा है तो दूसरी तरफ लद्दाख सेक्टर को लेकर जारी बातचीत के बीच नया फ्रंट खोलना चाहता है।

नाकुला में 20 जनवरी को यह घटना जिसे भारतीय सेना ने मामूली झड़प बताया है, ऐसे समय पर हुई है जब चीन ने जापान के सेनकाकु आइलैंड पर आक्रामता दिखाई तो और ताइवान के एयरस्पेस में घुसपैठ की। जानकार इसे अमेरिका के नए प्रशासन के लिए संदेश मान रहे हैं। 

भारतीय सेना ने पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के साथ सिक्किम सेक्टर में 5 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित नाकुला में झड़प की पुष्टि की है। सेना ने कहा कि मामले को स्थानीय कमांडर्स की ओर से सुलझा लिया गया। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि झड़प में दोनों ओर के सैनिक घायल हुए हैं और यह घटना उस समय हुई जब चीनी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास किया।

अधिकारियों का कहना है कि भारतीय सीमा में घुसपैठ का यह प्रयास उस सहमति के खिलाफ है जो दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के बाद बनी है। भारत और चीन के कमांडर्स के बीच बातचीत के बाद 6 नवंबर को भारत की ओर से कहा गया था कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि दोनों देशों के अग्रिम सैनिक संयम बरतेंगे।

गेटवे हाउस में इंटरनेशनल सिक्यॉरिटी स्टडीज में फेलो समीर पाटिल ने कहा, ''लद्दाख सेक्टर में गतिरोध के बीच चीन नया फ्रंट खोलना चाहता है, जहां पहले से ही हजारों सैनिक भीषण ठंड में भी जमे हुए हैं। लद्दाख में चाइनीज कुछ भी ऐसा नहीं कर सकते हैं जिसे वह अपने पक्ष में दिखा सकें।'' पाटिल ने आगे कहा, ''पिछले गतिरोधों के विपरीत, जहां घुसपैठ के बाद चीनी पीछे हट गए, चीनी के रवैये में बुनियादी बदलाव आया है। विरोध और पीछे धकेले जाने के बाद वे इस बार कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं हो रहे हैं।''

पूर्व राजदूत विष्णु प्रकाश ने कहा कि चीन का ताजा कदम भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश के साथ भारतीय रक्षा को परखना है। उन्होंने कहा, ''मैं मानता हूं कि 'माइनर' शब्द से बचना बेहतर था। झड़प तो झड़प है। जब हम कमांडर्स लेवल पर नौवें दौर की बातचीत के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे थे, नाकुला में घुसपैठ चीन के रुख को दिखाता है जो मामूली नहीं है।'' प्रकाश ने कहा कि चाइनीज पक्ष अपने प्रयासों को बढ़ाते हुए जगह तलाश रहा है कि वह कहां कुछ रणनीतिक बढ़त हासिल कर सकता है।

सिक्किम में यह झड़प उस समय हुई है जब चीन ने 22 जनवरी को एक बिल पास करके अपने कोस्ट कार्ड को विदेशी जहाजों पर हथियार चलाने की छूट दी है। इस कानन का इस्तेमाल सेनकाकु द्वीप के आसपास जापानी जहाजों के खिलाफ किया जा सकता है। इस द्वीप पर जापान का प्रशासन है, लेकिन चीन इसे अपना बताता है। उधर, 24 जनवरी को ताइवान ने कहा कि चीन के कई बॉम्बर प्लेन और फाइटर जेट उसके एयर डिफेंस जोन में घुस गए थे। पाटिल का कहना है कि चीन की ओर से उठाए गए ये सभी कदम अमेरिका में नए बाइडेन प्रशासन को ध्यान में रखकर उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे नए प्रशासन को परख रहे हैं कि वे उसके खिलाफ किस तरह का रुख अपनाते हैं। 
 

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