प्रदेश में नान बैंकिंग कंपनियों को दी साहूकार कानून से छूट

भोपाल।शिवराज सरकार ने रिजर्व बैंक आफ इण्डिया में रजिस्टर्ड उन नान बैंकिंग कंपनियों को साहूकार अधिनियम के उपबंधों से छूट प्रदान कर दी है जो लोगों को ब्याज पर रकम उपलब्ध कराते हैं। ऐसी नान बैंकिंग कंपनियां होम क्रेडिट, बजाज फायनेंस आदि हैं। उल्लेखनीय है कि 86 साल पहले बने मप्र साहूकार अधिनियम 1934 में शिवराज सरकार ने 26 सितम्बर 2020 को संशोधन किया था जिसमें अनरजिस्टर्ड साहूकारों पर रोक लगाई गई थी और यह भी प्रावधान किया था कि रजिस्टर्ड साहूकार वही ब्याज दर ले सकेंगे जो राज्य सरकार तय करेगी। इस संशोधन अधिनियम में नान बैंकिंग कंपनियों को भी उस सूची में शामिल कर लिया गया जिन पर साहूकार अधिनियम का कोई भी उपबंध लागू नहीं होगा। इधर राज्य सरकार ने वह ब्याज भी तय कर दी है जिससे अधिक कोई भी रजिस्टर्ड साहूकार नहीं वसूल सकेगा। यह ब्याज दर 15 प्रतिशत वर्षिक निर्धारित की गई है। ज्ञातव्य है कि साहूकार अधिनियम विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को कर्ज देने वाले लोगों के लिये बनाया गया है। ये कर्ज देने वाले लोग किसानों से भारी भरकम ब्याज दर वसूल करते थे। इसीलिये इन पर नियंत्रण करने के लिये 15 प्रतिशत ब्याज दर अधिरोपित की गई है। यही नहीं, अब जिन साहूकारों ने अपना पंजीयन स्थानीय निकाय में नहीं कराया है, उन पर भी किसी प्रकार का ब्याज वसूलने पर रोक लगा दी गई है। यही नहीं, सिविल न्यायालय को भी यह अधिकार दे दिया गया है कि वह अनरजिस्टर्ड साहूकार के लिये ब्याज वसूली की वसूली के आदेश न दे।
 

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