किसान नेता राकेश टिकैत की हुंकार, किसान आंदोलन अक्टूबर से पहले खत्म नहीं होगा

नई दिल्ली । भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन अक्टूबर से पहले खत्म नहीं होगा, हमारा नारा है कि कानून वापसी नहीं, तब घर वापसी नहीं। इसके पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। इस दौरान राउत ने कहा, 26 जनवरी के बाद जिस तरह से यहां तोड़फोड़ हुई और टिकैत तथा आंदोलन के दमन की कोशिश की गई, हमने महसूस किया कि किसानों के साथ खड़े रहना और पूरे महाराष्ट्र, शिवसेना और उद्धव ठाकरे की ओर से समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है। 
टिकैत ने कहा कि किसानों का विरोध राजनीतिक नहीं है, किसी राजनीतिक दल के नेता को मंच पर स्थान या माइक नहीं दिया गया है। वर्ष 2019 तक भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की प्रमुख सहयोगी शिवसेना उन 19 विपक्षी दलों में से एक है, जिसने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार कर किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया है। इससे पहले शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल, समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों के नेताओं ने गाजीपुर का दौरा किया था। बीकेयू के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसान दो महीने से अधिक समय से यहां डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी किसान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। 
शुरू में किसान संगठनों ने कहा था कि उनका आंदोलन राजनीतिक नहीं है, लेकिन हाल ही में उन्होंने खुले मन से नेताओं का स्वागत किया है। राकेश टिकैत ने 31 जनवरी को कहा था कि संयुक्त किसान मोर्चा ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में राजनीतिक दलों को अनुमति नहीं दी थी, लेकिन विरोध स्थलों पर 'लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाने के बाद ही' राजनीतिक दलों से समर्थन लिया। इस बीच यूपी गेट (गाजीपुर सीमा) पर मंगलवार को लोहे और क्रांक्रीट ढांचे से बैरीकेड लगा दिए गए और बाड़बंदी कर दी गई। इसके अलावा सड़कों पर कीलें लगा दी गईं ताकि कोई प्रदर्शनकारी दिल्ली की ओर नहीं बढ़ सके। विरोध स्थल पर इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी गई है। 

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