कोरोना टीका लगाने के बाद 8 महिला पुलिसकर्मियों की तबीयत बिगड़ी, राम जन्मभूमि की सुरक्षा में हैं तैनात

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में श्रीराम जन्मभूमि (Shri ram Janmbhumi) की सुरक्षा में तैनात 8 महिला आरक्षियों (8 Woman Police Constable) की शनिवार सुबह एकाएक तबीयत खराब होने के बाद राम जन्मभूमि प्रशासन में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में 8 महिला आरक्षियों को श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर सभी महिला अरक्षियों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. बताते चलें कि शुक्रवार को जिले में हुए कोविड-19 के टीकाकरण (Covid-19 Vaccination) में इन सभी महिला आरक्षियों को भी टीका लगवाया गया था. आज सुबह ये श्री राम जन्म भूमि की सुरक्षा में तैनात महिला चेकिंग बूथ पर अपनी ड्यूटी पर पहुंची थीं. सुबह-सुबह ही इन सभी महिला आरक्षियों की तबीयत बिगड़ने लगी और फिर आनन-फानन में उन्हें श्री राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
श्रीराम जन्म भूमि की सुरक्षा में महिलाओं की चेकिंग के लिए 3 प्वॉइंट बनाए गए हैं. इन सभी चेकिंग प्वाइंट पर महिलाओं की चेकिंग की जाती है, जिससे कोई संदिग्ध वस्तु राम जन्म भूमि में लेकर महिलाएं ना जा सके. राम जन्म भूमि की सुरक्षा में तैनात 8 महिला आरक्षी आज सुबह ही अपने ड्यूटी पर पहुंची थीं. जहां पर एकाएक उनको बेचैनी उल्टी और चक्कर की शिकायत हुई.
राम जन्मभूमि की सुरक्षा में हैं तैनात
D1, D2 और D3 चेकिंग पॉइंट की महिला अरक्षियों की एकाएक स्वास्थ खराब होने के बाद राम जन्मभूमि प्रशासन में हड़कंप मच गया. राम जन्म भूमि की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को दी. अधिकारियों ने आनन-फानन इन सभी महिला कॉन्स्टेबलों को श्रीराम अस्पताल भिजवाया, जहां पर डॉक्टरों की टीम के द्वारा इन सभी महिला आरक्षियों का इलाज किया जा रहा है.
वैक्सीन लगने के बाद आती हैं ऐसी समस्याएं: डॉ उजैर अहमद
महिला आरक्षियों का इलाज कर रहे डॉक्टर उज़ैर अहमद अंसारी ने कहा कि यह सभी लक्षण सामान्य हैं. इस तरीके की समस्याएं कोरोना के वैक्सीन लगने के बाद आ सकती हैं. आज सुबह 8 महिला कांस्टेबल श्री राम अस्पताल लायी गयी थीं, जिन्हें बदन-दर्द, थकान की शिकायत के बाद भर्ती किया गया है. किसी भी तरह की वैक्सीन लगने के बाद इस तरीके के साइड इफेक्ट होते हैं. सभी लोग सामान्य हैं और सभी का रक्तचाप भी सामान है और भी जांच की गई हैं. जांच रिपोर्ट आने के उपरांत ही कुछ कहा जा सकता है. तब तक इनको डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती किया गया है.
