क्‍या जेल से रि‍हा होंगे ओम प्रकाश चौटाला? दि‍ल्ली हाईकोर्ट में याचि‍का दाखि‍ल कर रखी यह दलील

जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले (JBT Scam) में सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) ने रिहाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है. एक अधिसूचना के तहत सजायाफ्ता 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों और 70 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले कैदियों को विशेष छूट देने के प्रावधान के तहत चौटाला ने पुन: न्‍यायालय से गुहार लगाई. जस्टिस योगेश खन्ना इस मामले को सुनकर आश्चर्यचकित रह गए कि दिसंबर 2019 में पारित खंडपीठ का निर्देश का अभी तक अनुपालन क्यों नहीं किया गया. इसके साथ ही न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने मुख्य न्यायाधीश के आदेशों के अधीन डिवीजन बेंच के समक्ष मामले को सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए और चौटाला की पैरोल अवधि 23 फरवरी तक तक बढ़ा दी.

86 वर्षीय पूर्व मुख्‍यमंत्री ने अपने वकील अमित साहनी के मार्फत दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि उनके मुवक्किल दिसंबर 2019 में न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संगीता ढींगा सहगल की खंडपीठ द्वारा पारित आदेशों के अनुरूप लगभग पूरी सजा काट चुके हैं, लेकिन दिल्ली सरकार ने याचिकाकर्ता/दोषी को विशेष छूट नहीं दी है.

इस पर कोर्ट ने चौटाला के वकील से पूछा कि इस याचिका को एकल न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध क्यों किया गया है, जबकि याचिकाकर्ता के मामले पर विचार करने के निर्देश डिवीजन बेंच द्वारा दिसंबर 2019 में पारित किए गए थे.

पूर्व सीएम के लिए अपील करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन और एडवोकेट अमित साहनी ने दलील दी कि माननीय न्यायालय से संपर्क करने के लिए कितनी बार याचिकाकर्ता को जरूरत होगी, जबकि ओपी चौटाला लगभग पूरी सजावधि काट चुके हैं और उन्हें विशेष छूट का लाभ नहीं दिया जा रहा है.

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