बिहार में 53 “मुन्ना भाई” कदाचार के आरोप में अरेस्ट, भोजपुर में सबसे ज्यादा परीक्षार्थी निष्कासित

पटना । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित मैट्रिक की परीक्षा अब समाप्त हो गई हैं। परीक्षा के अंतिम दिन किसी भी जिले से एक भी परीक्षार्थी कदाचार के आरोप में निष्कासित नहीं हुए। मगर, पूरे परीक्षा की बात करें तो राज्य के 25 जिलों से कुल 208 परीक्षार्थी कदाचार के आरोप में निष्कासित हुए। साथ ही 15 ‎जिलों से 53 मुन्ना भाई भी गिरफ्तार किए गए जो कि दूसरे परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। जानकारी के अनुसार, परीक्षा की शुरुआत से ही कदाचार में सबसे अधिक भोजपुर जिला अव्वल रहा और यहां से कुल 48 परीक्षार्थी पूरे परीक्षा में निष्कासित किए गए। वहीं नकल के मामले में दूसरे स्थान पर मुंगेर रहा जहां से 24 परीक्षार्थी निष्कासित किए गए। इसके अलावा सारण में 20, नालंदा में भी 20 परीक्षार्थी निष्कासित हुए जबकि रोहतास से 13, औरंगाबाद से 11, जमुई 10,वैशाली-10, मधेपुरा से 9, सीवान से 7, गया से 6, सुपौल से 5, समस्तीपुर से 4, पटना 3, सहरसा 3, बेगूसराय 3, अरवल 2, सीतामढ़ी 2, भागलपुर 2 और लखीसराय, बक्सर, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, अररिया में 1-1 परीक्षार्थी नकल करने के आरोप में निष्कासित किये गए। परीक्षा के सफलता पूर्वक संचालन को लेकर बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिलों के डीएम, एसपी, डीईओ, डीपीओ और सभी विद्यालयों के शिक्षकों को बधाई दी है। 
बता दें ‎कि इस बार की मैट्रिक परीक्षा फिर से कई सवालों और चर्चों के साथ खत्म हुई क्योंकि बोर्ड के लाख दावों के बाद भी परीक्षा में सोशल साइंस का प्रश्न पत्र लीक हो जाने से सिस्टम की कमियां एक बार फिर से उजागर हुई और। पेपर लीक का मामला विधानसभा सत्र तक गूंजा ऐसे में अब देखना है कि बोर्ड इस बार की परीक्षा से कितना सबक ले पाता है और लीक रोकने के लिए अब क्या व्यवस्था हो पाती है। परीक्षा खत्म होने के बाद अब बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन की तैयारी में जुट गया है और 5 मार्च से 17 मार्च तक कॉपियों का मूल्यांकन होगा।

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