चीन के अरबपतियों की लिस्ट में चौथे स्थान पर खिसके जैक मा, राष्ट्रपति जिनपिंग से पंगा लेना पड़ा महंगा

पेइचिंग । एक समय दुनिया के शीर्ष अरबपतियों में शुमार किए जाने वाले अलीबाबा और एंट ग्रुप के संस्थापक जैक मा ने चीन के शीर्ष अरबपति का दर्जा खो दिया है। चीनी अरबपतियों की ताजा सूची में उन्हें चौथे स्थान पर रखा गया है। चीन के राषट्रपति शी जिनपिंग के विरुद्ध टिप्पणी के बाद उनकी कारोबारी स्थिति कमजोर हुई है। चीन सरकार उनके औद्योगिक साम्राज्य की जांच में जुट गई है। चीन के सबसे धनी लोगों की इस हूरून ग्लोबल रिच लिस्ट में वर्ष 2020 और 2019 में जैक मा और उनके परिवार की कुल संपत्ति सबसे ज्यादा थी। अब ताजा सूची में जैक मा चौथे स्थान पर चले गए हैं। ताजा सूची में बोतलबंद पानी बनाने वाली कंपनी नोनग्फू स्प्रिंग के मालिक झोंग शानशान, टेनसेंट कंपनी के पोनी मा और ई कॉमर्स कंपनी पिनडूओडुओ के मालिक कोलिन हुआंग सबसे ऊपर हैं। जैक मा का शीर्ष उद्योपति होने का दर्जा ऐसे समय पर खत्म हुआ है जब चीन सरकार उनकी कंपनी एंट ग्रुप और अलीबाबा के खिलाफ जांच कर रही है।
जैक मा के खिलाफ यह जांच तब शुरू हुई थी जब उन्होंने 24 अक्टूबर को शंघाई में एक भाषण दिया था। जैक मा ने देश के 'ब्याजखोर' वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की अपने भाषण में कड़ी आलोचना की थी। दुनियाभर में करोड़ों लोगों के आदर्श रहे जैक मा ने सरकार से आह्वान किया था कि ऐसे सिस्टम में बदलाव किया जाए जो 'बिजनस में नई चीजें शुरू करने के प्रयास को दबाने' का प्रयास करे। अलीबाबा संस्थापक ने वैश्विक बैंकिंग नियमों को 'बुजुर्गों लोगों का क्लब' करार दिया था। इस भाषण के बाद चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी भड़क उठी थी।
जैक मा की आलोचना को कम्युनिस्ट पार्टी पर हमले के रूप में लिया गया। इसके बाद जैक मा के दुर्दिन शुरू हो गए और उनके बिजनस के खिलाफ असाधारण प्रतिबंध लगाया जाना शुरू कर दिया गया। नवंबर महीने में चीनी अधिकारियों ने जैक मा को जोरदार झटका दिया और उनके एंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को निलंबित कर दिया।
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा के एंट ग्रुप के आईपीओ को रद्द करने का आदेश सीधा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से आया था।
जैक मा से क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कह दिया गया कि वह तब तक चीन से बाहर न जाएं जब तक कि उनके अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच को पूरा नहीं कर लिया जाता। इस कार्रवाई के बाद जैक मा को सार्वजनिक रूप से बहुत कम ही देखा गया है। चीन में इस तरह दमन का शिकार होने वाले जैक मा अकेले व्यक्ति नहीं हैं। चीन बड़ी संख्या में अपने देश में ऐसे लोगों को नजरबंद कर चुका है जिन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी या शी जिनपिंग सरकार की नीतियों की आलोचना की है। इससे पहले शी जिनपिंग की आलोचना करने वाले प्रॉपर्टी बिजनसमैन रेन झिकियांग लापता हो गए थे। उन्होंने कोरोना के प्रबंधन में असफल रहने के लिए जिनपिंग को 'मसखरा' बताया था। बाद में उन्हें 18 साल के लिए जेल भेज दिया गया। चीन के एक अन्य अरबपति शिआन जिआनहुआ वर्ष 2017 से नजरबंद हैं।
