छह दिन से नहीें जला घर का चूल्हा, पडोसी कर रहे परिवार की मदद, टेन्ट लगाकर रातें काट रहा परिवार

 छह दिन से नहीें जला घर का चूल्हा, पडोसी कर रहे परिवार की मदद, टेन्ट लगाकर रातें काट रहा परिवार

आयोग ने संज्ञान लेकर कलेक्टर भोपाल से एक सप्ताह में मांगा प्रतिवेदन

भोपाल शहर की जेल रोड स्थित ग्वालबाबा बस्ती में बीते दो मार्च को आग लगने से 90 वर्षीया श्रीमती पूनाबाई की जलकर मौत हो गई थी, जबकि उसका चार साल का पोता बच गया था। एक गाय भी झुलस गई थी। पूनाबाई अपने बेटे जगमोहन सेन, बहू और दो पोतों के साथ झुग्गी में रहती थीं। आग ने जगमोहन का सबकुछ खत्म कर दिया। घर में खाने का एक दाना तक नहीें बचा है। पिछले छहः दिनों से घर का चूल्हा ठंडा पडा है। आस-पास के लोग खाना बनाकर दे जाते हैं। जगमोहन का परिवार टेन्ट लगाकर गुजर-बसर कर रहा है।
 
मेहनत-मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करने वाले जगमोहन का दर्द यह है कि इस हादसे के बाद भी प्रशासन ने उसकी सुध नहीं ली। हादसे के छहः दिन बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उन तक नही पहुंचा है। आर्थिक संकट से जूझ रहे जगमोहन ने गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। उसका आरोप है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए उससे पांच हजार रूपये मांगे गये थे, जो उसके पास नहीं थे। इस कारण अभी तक उनका बीपीएल राशन कार्ड नहीें बन सका। लिहाजा उन्हें राशन भी नहीं मिल पा रहा है।
 
इस मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन ने कलेक्टर भोपाल से एक सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।

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