ऐसे लिखी गई त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे की पटकथा, 2022 में जीत के लिए चला दांव, जानें पूरा घटनाक्रम

देहरादून | उत्तराखंड में एक बार फिर से मुख्यमंत्री बदल दिया गया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। भाजपा के कई विधायक और मंत्री रावत से नाराज चल रहे थे जिसके कारण उनकी कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। पार्टी के पर्यवेक्षकों ने भी अपनी रिपोर्ट में सीएम बदलने की बात कही थी। ऐसे में पार्टी आलाकमान ने अपने फैसले से रावत को अवगत करवा दिया था। उत्तराखंड में भाजपा की सरकार को 18 मार्च को चार साल पूरे होने वाले हैं। इससे चंद दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस्तीफा दे दिया है। सीएम के खिलाफ पिछले कुछ समय से पार्टी और विधानमंडल दल में बगावत जैसा संकट गहरा रहा था। इसे भांपते हुए बीजेपी ने पर्यवेक्षक के तौर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और दुष्यंत कुमार गौतम को सभी की राय जानने के लिए देहरादून भेजा। इन दोनों नेताओं ने सभी विधायकों के साथ बैठक करने के बाद अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ देहरादून में हुई बातचीत में बीजेपी विधायकों ने दो टूक कहा कि यदि त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाता है तो पार्टी को जीत मिलना मुश्किल है। इसके बाद पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट में सीएम को बदले जाने की बात कही। इसके बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने रावत को कुर्सी छोड़ने का आदेश दिया। राज्य के नए मुख्यमंत्री के लिए कल सुबह 10 बजे विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। इसके बाद जल्द ही राज्य के नए मुख्यमंत्री को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। दरअसल, केंद्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को अचानक सोमवार को दिल्ली तलब किया था। रावत ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीएल संतोष और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी से मुलाकात की थी। हालांकि सोमवार को बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सीएम बदलने की अटकलों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि सीएम रावत को पार्टी का पूरा समर्थन प्राप्त है। लेकिन रावत के देहरादून पहुंचते ही सियासी घटनाक्रम काफी तेजी से बदला और उन्होंने राजभवन जाकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 

रेस में आगे चल रहे हैं ये नाम
राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर तीन नाम सबसे आगे चल रहे हैं। माना जा रहा है कि राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत में से किसी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा सतपाल महाराज का नाम भी रेस मे शामिल है। उन्होंने हाल ही में संघ के प्रमुख नेताओं से इस सिलसिले में मुलाकात की थी।
 

Leave a Reply