कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र और राजस्‍थान में घमासान, CM गहलोत बोले- गलत आंकड़े पेश किए जा रहे

जयपुर. कोरोना वैक्सीनेशन के आंकड़ों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सीएम गहलोत ने मंगलवार को ताबड़तोड़ ट्वीट कर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों को गलत करार दिया. सीएम गहलोत ने मंगलवार को ताबड़तोड़ 7 ट्वीट कर केंद्र पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि राजस्थान को 37.61 लाख कोविड वैक्सीन मिली और सोमवार तक 24.28 लाख वैक्सीन ही लगाई गई हैं. यह डाटा पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि 8 मार्च तक राजस्थान को 31 लाख 45 हजार 340 वैक्सीन प्राप्त हुईं. इनमें से 2 लाख 15 हजार 180 वैक्सीन सेना को उपलब्ध करवाई गईं हैं.

सीएम गहलोत ने कहा कि नियमानुसार अन्य लोगों को लगाने के लिए 29 लाख 30 हजार 160 वैक्सीन उपलब्ध हुईं. 8 मार्च तक 23 लाख 26 हजार 975 वैक्सीन प्रदेश में लगाई जा चुकी हैं. वहीं 1 लाख 62 हजार 888 वैक्सीन खराब हुईं जो केन्द्र सरकार द्वारा अनुमत सीमा से 10 प्रतिशत से भी कम है. इस प्रकार प्रदेश में 8 मार्च को 4 लाख 40 हजार 297 वैक्सीन ही उपलब्ध थीं.

स्वास्थ्य मंत्रालय का डाटा गलत

सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य में प्रतिदिन दो लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है. ऐसे में 8 मार्च को सिर्फ दो दिन का वैक्सीनेशन करने के लिए ही वैक्सीन उपलब्ध थीं. इसलिए राज्य सरकार ने केन्द्र से अतिरिक्त वैक्सीन भेजने की मांग की. इसके बाद प्रदेश को 9 मार्च को 85 हजार वैक्सीन प्राप्त हुईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राजस्थान के संबंध में जारी किया गया डाटा पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि मैं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से अपील करूंगा कि वे अपने अधिकारियों को जल्दी ही वैक्सीन उपलब्ध करवाने और राजस्थान के बारे में गलत जानकारी ना देने के लिए निर्देश दें.

गलतबयानी से आ सकती परेशानी

अपने ट्वीट्स में सीएम गहलोत ने कहा कि तीसरे चरण में देश का लगभग 22 प्रतिशत वैक्सीनेशन राजस्थान में ही किया जा रहा है. यहां पर सरकार और आमजन दोनों ही वैक्सीन को लेकर उत्साहित हैं. लेकिन केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा इस तरह की गलतबयानी करने से प्रदेश के नागरिकों और कोरोना वॉरियर्स का हौसला कम होगा. जैसाकि कहा जा रहा है केन्द्र वैक्सीन 5-7 दिन में उपलब्ध करवा सकेगा इससे फिर से वैक्सीनेशन में परेशानी आ सकती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अनिश्चितता को देखते हुए केवल मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और प्राईवेट अस्पतालों में ही वैक्सीनेशन को चालू रखा गया है. कुछ जिलो में पीएचसी सीएचसी स्तर पर मजबूरन वैक्सीन की प्रथम डोज बंद करनी पड़ी.
 

Leave a Reply