बिहार में जल्द बनने जा रहा दूसरा चिड़ियाघर, 89 एकड़ भूमि में बनेगा अररिया का जू

पटना । बिहार में बहुत जल्द प्रदेश का दूसरा चिड़ियाघर मिलने जा रहा है। प्रदेश के अररिया जिले में यह चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इस बात की घोषणा खुद राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार बबलू ने की है। उन्होंने बताया कि राज्य में दूसरा चिड़ियाघर अररिया जिला के रानीगंज में बनेगा। बिहार विधानसभा में पेश वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के 737.75 करोड रुपये के बजटीय मांग पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री नीरज कुमार बबलू ने कहा कि राजधानी पटना में राज्य के एकमात्र चिड़ियाघर संजय गांधी जैविक उद्यान के बाद रानीगंज में यह प्रदेश का दूसरा चिड़ियाघर बनेगा जो 89 एकड़ भूमि पर फैला होगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बंदरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रानीगंज में ही 10 एकड़ भूमि में बंदर घर का भी निर्माण किया जायेगा।
बता दें कि बिहार के पटना में संजय गाँधी जैविक उद्यान स्थित है, जिसे पहली बार 1969 में एक वनस्पति उद्यान के रूप में स्थापित किया गया था। बिहार के तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो ने बाग के लिए गवर्नर हाउस परिसर से लगभग 34 एकड़ भूमि प्रदान की थी। इसके बाद 1972 में लोक निर्माण ने इसमें 58।2 एकड़ जमीन और जोड़ दिया इसके बाद राजस्व विभाग ने इस पार्क के विस्तार करने में मदद करने की और इसके लिए 60.75 एकड़ वन विभाग को हस्तांतरित कर दिया। इसके उपरांत 1973 में यह पार्क एक जैविक उद्यान बन गया और इसे आमजनों के लिये खोल दिया गया था। इस दौरान लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग से अधिग्रहित भूमि को राज्य सरकार द्वारा 8 मार्च 1983 को संरक्षित वन घोषित किया गया था। बता दें कि पटना के इस संजय गाँधी जैविक उद्यान में हर साल लाखों लोग सैर करने यहां आते हैं और सबसे अधिक भीड़ साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को यहा होती है। इस दिन यहां लगभग लाख के करीब लोग अपने परिजनों के साथ पिकनिक मानने आते हैं। अररिया में जू खुलने से इसका सीधा फायदा सीमांचल इलाके के लोगों को होगा।
