केरल में बीजेपी का अकेला विधायक कांग्रेस को पड़ रहा भारी

नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के हाथों कई राज्यों में हार का मुंह देखने वाली कांग्रेस अब दक्षिण भारतीय राज्य केरल में एक भी सीट पर बीजेपी को जीतने नहीं देना चाहती है। दरअसल, केरल में बीजेपी का एकमात्र विधायक है लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर भी पार्टी में हाई वोल्टेज ड्रामा जारी है। केरल की नेमोम सीट पर उम्मीदवार खड़ा करना फिलहाल कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी माथापच्ची बन गया है। दरअसल, पार्टी चाहती है कि नेमोम सीट पर किसी कद्दावर नेता को खड़ा किया जाए जो बीजेपी को हरा सके। पार्टी नेताओं का मानना है कि यहां से ताकतवर नेता को खड़ा करने पर अल्पसंख्यकों के बीच यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस राज्य में बीजेपी पर हमलावर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमान चांडी और विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथाला को नेमोम सीट से खड़ा किए जाने पर विचार किया जा रहा है। शनिवार को ओमान चांडी के गृह क्षेत्र पुथुपल्ली में माहौल भावुक था क्योंकि पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता उन्हें नेमोम से चुनाव लड़वाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। चांडी बीते 5 दशक से पुथुपल्ली से चुनाव लड़ते आ रहे हैं। चांडी को नेमोम से खड़ा किए जाने की खबरों के बीच महिलाओं सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुथुपल्ली में चांडी के घर के सामने इकट्ठा होकर नारेबाजी की। विरोध बढ़ता देख चांडी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि हाई कमांड की ओर से उन्हें नेमोम से चुनाव लड़ने के लिए कोई आदेश नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि पुथुपल्ली से चुनाव न लड़ने का कोई सवाल नहीं उठता। कांग्रेस के पास हर क्षेत्र के लिए मजबूत दावेदार है। वहीं, चेन्नीथाला ने भी कोच्चि में मीडिया से बातचीत के दौरान यह कहा कि वह अपनी मौजूदा सीट हरिपद से ही लड़ेंगे। उन्होंने इस सीट को अपनी मां जैसी बताया। बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के लिए नेमोम सीट छोड़ दी थी, तो वहीं सीपीआई(एम) ने इस सीट से सीनिया नेता वी सिवनकुट्टी को बीजेपी के ओ राजगोपाल के खिलाफ खड़ा किया था। हालांकि, उन्होंने यहां चुनाव जीतकर पहली बार राज्य में बीजेपी का खाता खोला था।
