जिले के 2964 सरकारी कर्मचारी डकार गए गरीबों का गेहूं, रसद विभाग अब वसूली में जुटा

जोधपुर. राजस्थान में राशन की दुकानों से 2 रुपए किलो गेहूं लेना सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को भारी पड़ रहा है. जोधपुर जिले में रसद विभाग (Food Department) ने कई विभागों के कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन उठाने पर उनको डिमांड नोटिस भेज दिया है. रसद विभाग अब ऐसे सरकारी कर्मचारियों से वसूली में जुट गया है, जिन्होंने गरीब के हक पर डाका डाला था.
जोधपुर रसद विभाग ने ऐसे 2964 सरकारी कर्मचारियों को चिन्हित किया है जो गरीब का गेहूं डकार गए. रसद विभाग ने उनसे वसूली का अभियान तेज कर दिया है. विभाग में हुई जांच में कई चौंकाने वाले मामले भी सामने आ रहे हैं. रसद विभाग ने शिक्षा विभाग सहित कई अन्य महकमों के कर्मचारियों को नोटिस भेजे हैं. उन्हें 31 मार्च से पहले पैसा जमा कराने का नोटिस दिया गया है. खाद्य सुरक्षा के तहत 2 रुपए किलो गेहूं उठाने वाले कर्मचारियों से अब उसकी 27 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से वसूली की जाएगी.
धांधली ही धांधली
जिला रसद अधिकारी राधेश्याम डेलू ने बताया कि किसी भी परिवार का कोई भी सदस्य यदि सरकारी सेवा में चयनित हो जाता है या सेवारत है तो वह परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लिए अपात्र हो जाता है. लेकिन, फिर भी सरकार को धोखा देकर गरीब के हक पर डाका डालने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई. उनसे अब 2 किलो की बजाय 27 प्रतिकिलो के हिसाब से गेहूं का पैसा वसूला जा रहा है. डेलू ने बताया कि 31 मार्च तक डिमांड राशि जमा नहीं करवाने वाले कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ संबंधित विभाग को कार्रवाई करने और उनके वेतन की राशि कटौती करने के लिए लिखा जाएगा.
अब तक 1.34 करोड़ रुपये की हुई वसूली
जिला रसद विभाग की ओर से नोटिस मिलने के बाद कई कर्मचारियों ने खाद्य सुरक्षा योजना में लिए सामान के बदले डिमांड नोटिस में लिखा पैसा जमा करवा दिया है. अब तक कर्मचारियों ने एक करोड़ 34 लाख रुपए विभाग में जमा करवाए हैं. वहीं शेष डिफॉल्टर्स को 31 मार्च से पहले राशि जमा कराने का नोटिस दिया गया है. 31 मार्च तक राशि जमा नहीं करवाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
