संतों-महंतों को कोरोना वैक्सीन देने की व्यवस्था की जाएगीः मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जितो) की ‘जितो आवास योजना’ के लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक देश के प्रत्येक नागरिक को आवास मुहैया कराने का संकल्प व्यक्त किया है। जैन समाज के 36 जरूरतमंद लाभार्थियों को आवास सहायता प्रदान कर प्रधानमंत्री के संकल्प में सहभागी बनने के लिए जितो की पहल का श्री रूपाणी ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में राज्य के संतों-महंतो और साधुओं के लिए भी कोरोना वैक्सीनेशन की व्यवस्था करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए राज्य के विधायक अपने क्षेत्र के अग्रणियों तथा सभी संतों-महंतों और साधुओं की सूची तैयार करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में राज्य में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है जिसे नियंत्रित करने के लिए सरकार हर संभव प्रयार कर रही है। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष से कोरोना का मुकाबला कर रहे गुजरात में अन्य राज्यों की तुलना में कोरोना से मृत्यु दर कम रही है।कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य के प्रत्येक नागरिक से कोरोना के संदर्भ में सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए श्री रूपाणी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में फिलहाल मास्क और वैक्सीन ही श्रेष्ठ हथियार और इलाज हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अनिवार्य रूप से मास्क पहनने और शीघ्र कोरोना का टीका लगवाने का अनुरोध किया। 
मुख्यमंत्री ने जितो आवास योजना के 36 लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन पर्यन्त संघर्ष करने वाले गरीब परिवारों के लिए खुद का घर किसी सपने की भांति होता है। व्यक्ति एक अदद घर का मालिक बनने की अभिलाषा के साथ दिन-रात मेहनत करता है और आने वाली पीढ़ी को विरासत में एक घर देने का उसका प्रयास होता है। ऐसे में, जितो की ओर से की गई आवास योजना की यह पहल ऐसे कई परिवारों के लिए वरदान साबित होगी। समाज के उत्थान के लिए जितो संस्था के कार्यरत होने का जिक्र करते हुए रूपाणी ने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में जितो की ओर से 1000 से अधिक लोगों को जनभागीदारी से आवास सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। स्वयं का घर मिलने के बाद आगे प्रगति करने और आत्मनिर्भर की दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत राज्य सरकार की ओर से कुशल लोगों के लिए कई प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने तीर्थंकर महावीर स्वामी के सिद्धांतों के उल्लेख करते हुए कहा कि अहिंसा और अपरिग्रह के सिद्धांतों के प्रति समर्पित जैन समाज के लोग बलिदान और समर्पण भावना के साथ सहधार्मिक बंधुओं सहित समाज के अनेक लोगों की मदद करते हैं। समाज के सुख में सुखी और समाज के दुख में दुखी की भावना को जैन समाज ने अपनाया है। जीवन के चार पुरुषार्थ- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष में अंतिम लक्ष्य के रूप में मोक्ष को रखा गया है, इसका उल्लेख करते हुए रूपाणी ने कहा कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को जीवन मे दया, अनुकंपा और करुणा का भाव अपनाना जरूरी है। ग्रंथों के अनुसार इन तत्वों के कारण मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) और राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान (निफ्ट) जैसे शैक्षणिक संस्थानों के कारण अहमदाबाद शहर एजुकेशन हब बना है। उन्होंने जैन समाज के अग्रणियों से अहमदाबाद तथा अन्य शहरों में समाज के बेटे-बेटियों के लिए छात्रावास बनाने की दिशा में प्रयास करने की अपील की। 

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