हरियाणा के 21 जिलों के लिए CM मनोहरलाल ने किया 1411 करोड़ के 163 प्रोजेक्ट का उद्घाटन

चंडीगढ़. हरियाणा के विभिन्न जिलों को आज मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कई सौगातों का तोहफा दिया. मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद को छोड़कर प्रदेश के बाकी 21 जिलों के लिए 1411 करोड़ रुपए के 163 परियोजनाओं का उद्घाटन किया. राज्य के अलग-अलग जिलों में सड़क निर्माण, अंत्योदय योजना, परिवार पहचानपत्र समेत कई योजनाओं की उन्होंने शुरुआत की. वहीं रोहतक में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को भी सीएम ने हरी झंडी दिखाई. सीएम ने 935 करोड़ रुपए की 83 परियोजनाओं का शिलान्यास और 475 करोड़ रुपए की लागत की 80 परियोजनाओं का उद्घाटन किया.

चंडीगढ़ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए विकास कार्यों के उद्घाटन के बाद सीएम खट्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' की राह पर सरकार प्रदेश का समग्र विकास कर रही है. सरकार अंत्योदय की कल्याणकारी भावना के साथ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम कर रही है. सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछली सरकारों की तरह प्रदेश को वर्ग और जिलों में नहीं बांटा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वाभिमान को प्राथमिकता दी. अंत्योदय और परिवार पहचानपत्र योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि अब तक 60 लाख परिवारों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. यह एक वॉलंटरी कार्यक्रम है, जिसमें अब सिर्फ 10% परिवार बचे हैं.
लोगों की आमदनी बढ़ाने का संकल्प
सीएम ने कहा कि सेल्फ डिक्लेरेशन में लोगों की आय, उनकी संपत्ति के बारे में जानकारी लेकर उन्हें कितनी योजनाओं के लाभ मिल रहे हैं, यह भी पूछा जा रहा है. जिनकी आय सबसे कम है, ऐसे 6 लाख परिवारों का सबसे पहले सर्वे कराया जाएगा. इसके बाद फिर एक लाख परिवारों को छांटेंगे, जिनकी कम आय होगी. ऐसे परिवारों को विभिन्न विभागों द्वारा जो रोजगार दिया जा सकता है, उसकी योजना बन गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास, शहरी विकास की योजनाओं में जो ठेकेदार होते हैं, उनसे बातचीत की गई है, ताकि युवाओं को रोजगार दिया जा सके. इसके अलावा पशुपालन विभाग, एमएसएमई सहित कई विभागों से बातचीत हो चुकी है. बैंकों से भी बात की गई है, ताकि स्वरोजगार के लिए लोन दिलवाया जा सके.

कोरोना के खतरे पर सरकार गंभीर
देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच हरियाणा में बीमारी की रोकथाम को लेकर सीएम ने कहा कि कोविड-19 को लेकर कई राज्यों की स्थिति खराब हो गई है. सरकार इसके मद्देनजर 31 मार्च तक परिस्थितियों का अध्ययन कर रही है, इसके बाद फैसला लिया जाएगा. इस बीच केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का नियम का पालन कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में होली और अन्य त्योहार हैं, इस पर भी सरकार का ध्यान है. हम उत्सव मनाने से किसी को रोकना नहीं चाहते, लेकिन लोग सावधानी बरतें. भीड़ न लगाएं, बीमारी को फैलने से रोकें.

हरियाणा में कर्ज पर बोले सीएम
हरियाणा में विकास योजनाओं के लिए ऋण लेने की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए काम करने वाला कोई भी संगठन बिना लोन के नहीं चलता. अर्थशास्त्रियों, फाइनेंस कमीशन ने उसके लिए एक मॉडल तैयार किया है, हमने भी लोन के लिए ऐसा मॉडल तैयार किया है. अर्थशास्त्रियों की राय के मुताबिक कुल जीडीपी के मुताबिक 5% तक लोन हर साल लेने का प्रावधान है. हमने भी सावधानी बरती है कि हम 4 परसेंट से नीचे ही रहेंगे, उससे ऊपर नहीं जाएंगे. हम कहीं भी अपनी सीमाओं से बाहर नहीं गए हैं. हमने अगर अपनी जीडीपी बढ़ाई है तो उसका लाभ भी प्रदेश को मिलेगा. उन्होंने कहा कि हरियाणा का इतिहास उठाकर देख लीजिए 1966 से लेकर अब तक हर 5 साल में जो पिछला लोन होता है, वह अगले 5 साल में दोगुना हो जाता है. जो 98 हजार करोड़ ‌था, वह‌ अब 2 लाख करोड़ के आसपास है, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.

CAG रिपोर्ट पर भी रखी बात
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की रिपोर्ट के जरिये रणदीप सुरजेवाला ने अनुसूचित जाति के बच्चों के वजीफे पर सवाल उठाए थे, मुख्यमंत्री ने इसका भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट क्या कह रही है नहीं पता. इन पुराने सरकारों के लिहाज से अगर बिना वजह आंकड़ों में बढ़ोतरी की गई थी, तो वह समय के मुताबिक अगर कम होती है तो इसमें कोई बात नहीं है. व्यवस्था में सुधार करना जरूरी है. जरूरत के हिसाब से काम लगातार जारी रहेगा.
 

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