आखिर कब होगी…..कार्यकर्ताओं की सुनवाई

जयपुर । कांग्रेस सरकार के बनते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने उम्मीद पाल रखी थी कि सत्ता और संगठन में पद नियुक्तियों के लिए मेरा नम्बर जरूर आयेगा अपने नम्बर का इंतजार करते करते दिन महीने और साल निकल गए मगर सरकार के सामने पहले मुख्यमंत्री को अपनी सरकार बचाने और दूसरे प्रदेश मेें निगम पंचायतों के चुनाव का अडंगा लगा रहा तो अब उपचुनाव ने कार्यकर्ताओं की उम्मीद पर पानी फेर दिया है फिलहाल प्रदेश में तीनों उपचुनाव का परिणाम आने के बाद ही कार्यकर्ताओं को शायद सत्ता और संगठन में पदाधिकार का तोहफा मिल सकेगा।
हालांकि अब विधानसभा सत्र तो खत्म हो गया है लेकिन अब तीन सीटों के विधानसभा सीटपों का उप चुनाव आ गया है ऐसे में ये इंतजार कुछ और लम्बा हो सकता है। मौजूदा राज्य सरकार पर पिछले वर्ष जुलाई अगस्त में आए सियासी संकट के समय पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी भी भंग कर दी गई थी इसके बाद वर्ष जनवरी में प्रदेश कार्यकारिणी तो गठित कर दी गई लेकिन जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन अभी तक नहीं हो पाया है। कांग्रेस में संगठन के स्तर पर 39 जिले और 200 विधानसभा क्षेत्रों के चार सौ ब्लॉक है लेकिन इन सभी का पुर्नगठन होना है यहां तक कि आने वाले तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भी इन सीटों पर पार्टी के पास जिला और ब्लॉक स्तर का संगठननहीं होगा ऐसे में निवर्तमान अध्यक्ष और कार्यकारिणी के नेताओं से ही कांग्रेस पार्टी को काम चलाना पडेगा प्रदेश कांग्रेस के साथ ही अग्रिम संगठनों, सेवादल, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बदले गए थे लेकिन केवल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को बरकरार रखा गया। सेवादल और एनएसयूआई के अध्यक्षों के साथ उनकी कार्यकारिणी भी भंग कर दी गई थी इनका गठन होना अभी भी बाकी है। इनके अलावा जिला ऑर ब्लॉक स्तर की राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार भी बना हुआ है पार्टी नेतृत्व ने कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में पदाधिकारियों से 15 फरवरी तक राजनीतिक नियुक्तियों के लिए कार्यकर्ताओं के नाम मांगे थे लेकिन ये काम भी नहीं हुआ है और बताया जा रहा है कि अभी इसमें कुछ और समय लग सकता है क्योंकि पार्टी अब उपचुनाव की तैयारियों में लगी हुई है।
