कोरोना ने भंग किया रंगपंचमी का रंग

जबलपुर। रंगपंचमी का त्यौहार भी कोरोना काल की भेंट चढ़ गया। रंगपंचमी में निकाले जाने वाले जुलूस नहीं निकले और न ही रंग गुलाल उड़ा। सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं थी, लिहाजा सांस्कृतिक आयोजनों का सवाल ही नहीं उठता। सामाजिक आयोजनों में जगह-जगह होने वालें होली आयोजन को भी स्थिगित कर दिया। कुछ एक समाज ने चोरी छिपे जरुर होली मिलन के कार्यक्रम किये। हर्षोल्लास के साथ परम्परागत तरीके से मनाया जाने वाला रंगपंचमी के त्यौहार में इस बार न रंग रहा और न ही पंच दिखे। पांच दिवसीय होलीपर्व का रंगपंचमी के साथ समापन हो गया। कोरोना काल की वजह से होली और होलिका दहन के आयोजन भी फीके रहे, न कवि सम्मेलन हुये और न ही आर्वेâस्ट्रा आयोजित किये गये। सार्वजनिक होली मिलन के आयोजन भी स्थिगित कर दिये गये।
