Corona से ये कैसी जंग: वायरस का इलाज कराने गया था लड़का, एक्सपायर्ड दवाओं के साथ लौटा

नरसिंहपुर. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना लापरवाह है उसकी बानगी है ये खबर. यहां एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को जब छुट्टी दी गई तो उसे एक्सपायर्ड दवाएं देकर घर रवाना किया गया. मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.दरअसल, एक दिन पहले नरसिंहपुर जिले के करेली शहर के 27 वर्षीय लड़के का वीडियो सामने आया. वीडियो में लड़के ने खुद को कोरोना मरीज बताते हुए आरोप लगाया था कि उसे सरकारी अस्पताल से छुट्टी के दौरान एक्सपायरी डेट की दवाइयां थमा दी गईं. मरीज के मुताबिक पिछले 27 मार्च को उसे कोरोना संक्रमण से संक्रमित बता कर भर्ती किया गया था. कुछ दिन बाद छुट्टी के साथ उसे जो दवा दी गई वो जनवरी में एक्सपायर हो गई है.

CMHO जिम्मेदारी से बचते नजर आए
इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) मुकेश जैन ने कोरोना इंतजामों का जायजा लेने के साथ ही सम्बन्धितों को कारण बताओ नोटिस दिए जाने की बात कही है. इस दौरान CMHO अपने दायित्व से बचते हुए नजर आए और सारा मामला सिविल सर्जन के पाले में डाल दिया. गौरतलब है कि यह वही CMHO हैं जिन्हें जिला प्रशासन की पुष्टि के बाद भी कोरोना मरीज की मौत की जानकारी नहीं थी.

कोरोना वायरस से मौत की भी नहीं थी जानकारी
यहां एक आदमी की कोरोना वायरस से मौत हुई. राजस्व विभाग ने इसकी पुष्टि भी की, जिला प्रशासन के जनसंपर्क अधिकारी ने समाचार भी जारी कर दिया, और तो और मृतक का अंतिम संस्कार भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया. लेकिन, जिले से सबसे बड़े स्वास्थ्य अधिकारी CMHO को इसकी जानकारी ही नहीं. एसडीएम गाडरवारा राजेंद्र पटेल ने कहा कि मुझे जानकारी दी गई थी कि गाडरवारा के मरीज हरिकेत राय कोरोना पॉजिटिव हैं.इसके बाद उनके घर को कंटेंनमेंट कर दिया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया गया. उसके बाद उनक मौत हो गई. उनका अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तरत किया गया है. पटेल ने इस दौरान सभी नागरिकों से कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने की अपील भी की. जब इस बारे में नरसिंहपुर CMHO मुकेश जैन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

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