निजी अस्पतालों की मनमानी 

बिलासपुर । प्रदेश में कोरोना महामारी की संकट की घड़ी में निजी अस्पतालों में लोगों की जमकर लूट जारी है। अधिकतर डॉक्टरों ने फर्ज को भूलकर इलाज को व्यापार का ही अड्डा बना लिया है। लगभग छोटे—बड़े सभी अस्पतालों में मरीजों की भरमार लगी हुई है। भीड़ देखकर ऐसा लगता है कि जैसे सारा शहर ही बीमार हो इलाज के लिए अस्पताल में आ गया हो। सोशल मीडिया पर निजी अस्पतालों के खिलाफ लगातार आक्रोशित पोस्ट शेयर हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में तो पूरी सुविधाएं व पूरी साफ सफाई नहीं मिलने की वजह से ज्यादातर मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों की तरफ आकर्षित होते हैं। कोरोना की वजह से कोई दूसरी बीमारी से ग्रस्त भी मरीज जब अस्पताल जाता है तो ज्यादातर निजी अस्पताल वाले मरीज को हाथ तक नहीं लगाते। अब निजी अस्पताल वाले मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा इलाज के नाम पर भी बड़ी लूट मचा रहे हैं। किसी दूसरी बीमारी से जूझ रहे मरीज को भी कोरोना मरीज की निगाह से देखते हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार से अनाप—शनाप बिल इलाज के नाम पर परिजनों को सौंप देना बेहद शर्मनाक है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पतालों पर रोक लगाना चाहिए। 
 

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