निजी हॉस्पिटल, क्लीनिक, दवाखानों और नर्सिंग होम को कोविड मरीजों का उपचार की मंजूरी

अहमदाबाद | गुजरात में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, मुख्य सचिव अनिल मुकीम, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. जयंती रवि तथा उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मंगलवार को गांधीनगर में हुई कोर कमेटी की बैठक में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि गुजरात राज्य के सभी निजी हॉस्पिटलों, क्लीनिक, दवाखानों और नर्सिंग होम के डॉक्टर अपने हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों का उपचार कर सकेंगे। आगामी 15 जून तक सभी निजी हॉस्पिटल, क्लीनिक, दवाखानों और नर्सिंग होम को कोविड के मरीजों का उपचार करने की राज्य सरकार ने अनुमति प्रदान की है। कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की मंजूरी नहीं लेनी होगी और संबंधित कलक्टर या मनपा आयुक्त को इस बाबत जानकारी देनी होगी। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दूसरे अहम निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए मासिक 2.50 लाख रुपए, मेडिकल ऑफिसरों के लिए मासिक 1.25 लाख, डेंटल डॉक्टरों के लिए मासिक 40 हजार, आयुष और होम्योपैथी डॉक्टरों के लिए मासिक 35 हजार, जूनियर फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, एक्स-रे टेक्निशियन और ईसीजी टेक्निशियन के लिए मासिक 18 हजार तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए मासिक 15 हजार रुपए के मानद वेतन से 3 माह के लिए नई नियुक्ति करने का निर्णय किया है। रूपाणी ने कहा कि 15 मार्च, 2021 के आसपास गुजरात के सभी हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों के लिए 41 हजार बेड थे, जिसकी संख्या बढ़ाकर आज लगभग 78 हजार की गई है। लेकिन लगातार बढ़ते संक्रमण और मामलों के कारण यह व्यवस्था भी अपर्याप्त साबित हो रही है। समूची परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय किया गया है कि राज्य के सभी निजी हॉस्पिटल, क्लीनिक, दवाखानों और नर्सिंग होम के डॉक्टर अपने हॉस्पिटलों में कोरोना के मरीजों का उपचार कर सकेंगे। उन्होंने वर्तमान हालात के मद्देनजर मेडिकल और पैरामेडिकल के विभिन्न संवर्ग के कर्मियों से मरीजों की सेवा और राज्य सरकार के प्रयासों में सहभागी बनकर जल्द से जल्द जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए मरीजों को बेहतर सेवा मुहैया कराने के लिए सरकारी हॉस्पिटलों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने विज्ञापन जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर, डेंटल डॉक्टर, आयुष डॉक्टर, होम्योपैथी डॉक्टर तथा जूनियर फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, एक्स-रे टेक्निशियन और ईसीजी टेक्निशियन की आकर्षक मानद वेतन के साथ नियुक्तियां की जा रही हैं। उसी तरह, सरकारी हॉस्पिटलों में मानद सेवा दे रहे मेडिकल, नर्सिंग, फार्मासिस्ट, लैब-टेक और चतुर्थ श्रेणी के स्टाफ को आगामी तीन महीनों के लिए और भी प्रोत्साहक वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी हॉस्पिटलों में तृतीय श्रेणी के तहत कार्यरत आउटसोर्सिंग स्टाफ नर्स को वर्तमान में मिलने वाले वेतन में बढ़ोतरी कर 3 महीनों के लिए मासिक 20000 रुपए का मानद वेतन देने का राज्य सरकार ने निर्णय किया है। नई भर्ती के तहत चुने गए महिला और पुरुष नर्सों को भी इसी तर्ज पर मानद वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकारी हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों के लिए ड्यूटी करने वाले ऐसे एडहॉक डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्ट, टेक्निशियन तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर मई, जून और जुलाई समेत तीन महीनों के लिए मानद वेतन देने का सरकार ने निर्णय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में मौजूद आर्मी हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों को उपचार मुहैया कराने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने आज इसकी घोषणा करते हुए कहा कि गुजरात में कच्छ, जामनगर, अहमदाबाद और वडोदरा में आर्मी हॉस्पिटल हैं। गुजरात के आर्मी हॉस्पिटल कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकें, उसके लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। भारत सरकार ने इसके लिए आह्वान किया था। बुधवार को इस संदर्भ में आर्मी अधिकारियों के साथ गुजरात सरकार के अधिकारी बैठक करने जा रहे हैं। गुजरात में अधिकाधिक बेड की उपलब्धता के लिए किए जा रहे प्रयासों में यह एक अहम कदम साबित होगा।
