दामादजी की जिद, ससुराल में बनने लगे शौचालय

बरेली । हाल में आई फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा…’ ने काफी सुर्खियां बटोरीं। कारण, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने स्वच्छ भारत अभियान को केंद्र में रखकर पूरी कहानी गढ़ी गई थी, वो भी सच्ची घटना के आधार पर…। ठीक फिल्म अभिनेत्री भूमि पेडणेकर की तरह एक व्यक्ति ने अपनी सुसराल में भी ‘इज्जत घर’ की मांग बुलंद की। जिद के जरिये न केवल ससुराल वालों की सोच बदली बल्कि अन्य ग्रामीणों को यहां भी ‘इज्जत घर’ निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग ला रही है। करीब 30 घरों में ‘इज्जत घर’ बनने शुरू हो गए हैं। जज्बा देख प्रशासन ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाने का फैसला किया है।

 

पीलीभीत की नगर पंचायत बिलसंडा निवासी दीनानाथ की भुता ब्लॉक के बिलौआ गांव में ससुराल है। तीन साल पहले उनकी शादी रक्षपाल सिंह की बेटी मैना देवी के साथ हुई, लेकिन ससुराल में अधिकांश घरों में ‘इज्जत घर’ नहीं होने से वह परेशान थे। बस, दीनानाथ ने सोच लिया कि ससुराल में ‘इज्जत घर’ बनवाने की मुहिम छेड़ेंगे। हालांकि, शुरुआत में ससुरालीजन नहीं माने लेकिन, अब दामाद की मांग पर वे ‘इज्जत घर’ बनवाने को राजी हो गए हैं। साथ ही अन्य ग्रामीण भी इसके लिए मान गए हैं।

 

इसके बाद ससुराल के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को लेकर दीनानाथ दीपावली से पहले जिला पंचायती राज विभाग पहुंचे। डीपीआरओ से उन्होंने मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। उस समय विभाग का खजाना खाली था लेकिन, अधिकारी ने उसके प्रयासों की सराहना की। स्वयं निर्माण कराने के बाद सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही पुरस्कृत करने की बात भी कही। इस भरोसे पर ग्रामीणों ने खुद ही ‘इज्जत घर’ की नींव डाली है। ‘इज्जत घर’ निर्माण की प्रगति देखने जब डीपीआरओ मौके पर पहुंचे तो उन्हें निर्माण मानक के अनुसार नहीं मिला। यह देख ग्रामीणों ने बनवाए गए ‘इज्जत घर’ पर हथौड़ा चला दिया। मानकों के अनुसार दोबारा

निर्माण कराया।

 

भुता ब्लॉक के बिलऊआ गांव में दामाद के प्रयास से ‘इज्जत घर’ बनाने वाले करीब एक दर्जन लाभार्थियों की सूची तैयार प्राप्त हुई है। एक दो दिन में इन लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त कराई

जाएगी। -सत्येंद्र कुमार, सीडीओ

 

दीनानाथ ने ससुराल में लोगों की सोच बदल शौचालय निर्माण कराया है। दीनानाथ के प्रयासों से लोगों की सोच बदली, यह सराहनीय है। -विनय कुमार, डीपीआरओ

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