हार्दिक की आरक्षण मांगों के विरोध में पाटीदार संस्थान, बताया- ‘गुमराह करने वाली मांग’

अहमदाबाद। पाटीदार समुदाय के छ: सामाजिक संस्थानों ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के संयोजक हार्दिक पटेल की ओबीसी कैटेगरी के तहत पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग की निंदा की है।
संस्थानों के प्रमुखों ने सामने आकर पाटीदार नेता की मांग का विरोध किया है जिसमें पाटीदार को ओबीसी में लाने और समुदाय को शिक्षा व नौकरी क्षेत्र में आरक्षण की मांग की गयी है।
इन संस्थानों के नेताओं ने हार्दिक पर आरोप लगाया है कि वे आरक्षण के नाम पर सोसायटी को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मांग के साथ हार्दिक राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं।
हार्दिक की इस मांग का विरोध करने वाले संस्थानों में उंझ से उमिय माता संस्था, राजकोट में खोडलधाम कागवाड, विश्व उमियम फाउंडेशन, सूरत में समस्त पाटीदार समाज, सिडसर में उमिय माताजी मंदिर और अहमदाबाद में सरदार धाम है।
गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए हार्दिक की आरक्षण की मांग तेज हो गयी है जिसमें कांग्रेस पार्टी भी अपना समर्थन देने की कोशिश कर रही है। इससे पहले हार्दिक ने आरक्षण की मांगों पर चर्चा के लिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की और पार्टी को 7 नवंबर का डेडलाइन देते हुए इसपर उनका पक्ष रखने को कहा है। हालांकि कांग्रेस ने कहा था कि कानूनी विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने के बाद ही वे निर्णय लेंगे।
राज्य में 1995 से सत्ता में भारतीय जनता पार्टी को उखाड़ने के लिए कांग्रेस पाटीदारों का समर्थन चाहती है। गुजरात में चुनाव दो चरणों में आयोजित होगा। पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर और दूसरे चरण का 14 दिसंबर को होगा। वोटों की गिनती 18 दिसंबर को की जाएगी।
