गुजरात में सरकार, निजी क्षेत्र और सामाजिक संगठन कंधे से कंधा मिलाकर लोगों को राहत पहुंचाने प्रयासरतः मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि गुजरात में राज्य सरकार, निजी क्षेत्र और सामाजिक संगठन कंधे से कंधा मिलाकर इस महामारी में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थ और सक्षम नेतृत्व में पूरा देश एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा  है, तब सभी राज्यों को साथ मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हम साथ मिलकर कोरोना का मुकाबला करेंगे तो हमारी जीत निश्चित है। कोरोना संकट को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के लिए बुलाई बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही। बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि 15 मार्च को राज्य में उपलब्ध 42 हजार बेड के मुकाबले आज राज्य में 90 हजार बेड उपलब्ध हैं। 1800 से अधिक कोविड हॉस्पिटलों में 11500 आईसीयू बेड और 51 हजार ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टेस्टिंग को दैनिक 50 हजार से बढ़ाकर 1.75 लाख किया गया है, जिसमें लगभग 70 हजार आरटी-पीसीआर टेस्ट शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में राज्य की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी आगे आईं हैं। मोरबी जैसे ग्रामीण जिले में 630 बेड की क्षमता वाले 5 कोविड हेल्थ सेंटर, वडोदरा में बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम संस्थान (बीएपीएस) की ओर से कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल की स्थापना और सूरत में 15 कम्यूनिटी केयर सेंटर उसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है जिसमें सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित डॉकटरों का समावेश किया गया है। उनके मार्गदर्शन, सलाह और निर्देशों के अनुसार समय-समय पर कार्यप्रणाली और नीतियों में बदलाव किया जा रहा है। कल यानी गुरुवार को इस टास्क फोर्स ने माइल्ड (हल्के लक्षण) और मोडरेट (मध्यम लक्षण)  मरीजों के लिए फेविपिराविर और आइवरमेक्टिन टैबलेट की उपयोगी सलाह दी है। इसके जरिए कोरोना के मरीजों में वायरल लोड कम करने में ममद मिलेगी। रूपाणी ने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन के मुताबिक गुजरात सरकार ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान केंद्रित किया है। फिलहाल गुजरात के शहरों में करीब 30000 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं, जहां 20 हजार मेडिकल टीमें नियमित स्तर पर मरीजों के सर्वे और उपचार का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में ज्यादातर मरीजों को होम आइसोलेशन के जरिए उपचार सुविधा मुहैया कराने के प्रयास जारी हैं, जिसमें गत वर्ष का अनुभव काम आ रहा है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को संजीवनी रथ और टेलीमेडिसीन के माध्यम से आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अकेले अहमदाबाद में ही 1200 से अधिक संजीवनी रथ लोगों की सेवा में कार्यरत हैं और वरदान साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति को बरकरार रखने के लिए वितरण प्रणाली को मजबूत बनाया गया है। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने से हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन की मांग भी काफी बढ़ गई है जिससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य में पर्याप्त वैक्सीनेशन और कोविड से जुड़े उपयुक्त व्यवहार के सख्ती से पालन के जरिए आगामी दिनों में गुजरात कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाने में सफल होगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, मुख्य सचिव अनिल मुकीम, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. जयंती रवि, मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार और राज्य पुलिस प्रमुख आशीष भाटिया गांधीनगर से जुड़े थे।

Leave a Reply