संक्रमण की रफ्तार में 2% की कमी आई; भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी

मध्यप्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। यहां लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। पिछले एक हफ्ते के अंदर राज्य में नए मरीजों के मिलने की रफ्तार में 2% की गिरावट दर्ज की गई है। अब यहां 27% की बजाय 25% पॉजिटिविटी रेट रह गई है।

इससे भी अच्छी खबर ये है कि राज्य के सबसे संक्रमित 8 जिलों में भी कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। हालांकि, अन्य जिलों में हालात जस के तस बने हुए हैं। 24 घंटे में भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा बढ़ी है। इधर, मध्यप्रदेश सरकार ने अगले 10 दिन तक कोरोना कर्फ्यू और सख्त करने का निर्णय लिया है।

सबसे ज्यादा भोपाल में मरीज मिले

मंगलवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा केस भोपाल में 1 हजार 853 आए और 5 मरीजों की मौत भी हुई है। इंदौर में 1 हजार 811 नए संक्रमित आए, हालांकि भोपाल के मुकाबले सरकारी रिकॉर्ड में यहां दोगुनी मौतें दर्ज की गईं। ग्वालियर में 1024 और जबलपुर में 795 नए मामले सामने आए। दोनों जगहों पर 7-7 ने दम तोड़ दिया।

इंदौर के राधा स्वामी कोविड केयर सेंटर में भांप लेते कोरोना मरीज।

अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे बंदियों की पैरोल बढ़ाई गई

कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर एक बार फिर 4500 कैदियों की पैरोल 60 दिन बढ़ाने का फैसला किया है। इस संबंध में जेल मुख्यालय ने आदेश जारी कर दिया है। उन बंदियों को पैरोल दी जाएगी, जो अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे हैं।

भोपाल में इस साल पहली बार संक्रमित से ज्यादा स्वस्थ हुए

यहां 24 घंटे में सबसे ज्यादा केस आए, लेकिन राहत की बात रही है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 2408 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। राजधानी में इस साल पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि नए केस से ज्यादा स्वस्थ हुए हैं। हालांकि अभी एक्टिव केस 13 हजार 587 है। इसकी वजह से बेड, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी बनी हुई है।

इंदौर: प्रदेश में सबसे ज्यादा सरकारी रिकॉर्ड में 10 मौतें

यहां लगातार चौथे दिन 18 सौ से ज्यादा केस सामने आए हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा 10 की माैत सरकारी रिकॉर्ड में इंदौर में ही दर्ज हुई है। प्रदेश के बड़े शहरों में यहां सबसे कम 981 मरीज स्वस्थ हुए हैं। भोपाल के बाद यहां सबसे ज्यादा 13 हजार 171 एक्टिव केस हैं। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कमी अभी दूर नहीं हुई है। हालांकि ऑक्सीजन को लेकर युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी वजह से कुछ स्थिति में सुधार हुआ है।

ग्वालियर: राहत की बात- 1208 स्वस्थ होकर गए

प्रदेश के मुकाबले संक्रमण दर 6% ज्यादा है। प्रदेश की संक्रमण दर 23% है, जबकि ग्वालियर की 29% है। यहां 24 घंटे में 3526 सैंपल की जांच में 1024 नए संक्रमित मिले हैं। राहत की बात यह है कि 1208 संक्रमित डिस्चार्ज होकर मंगलवार को अपने घर भी गए हैं। एक्टिव केस 9162 से घटकर 8971 हो गए हैं। जिले में कुल एक्टिव कंटेनमेंट जोन की संख्या 626 हो गई है।

सरकारी रिकॉर्ड में 7 मौतें दर्ज की गई हैं, लेकिन श्मशानों पर 42 संक्रमितों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 31 संक्रमित ग्वालियर के थे।

जबलपुर: दो दिन से नए मरीजों से ज्यादा स्वस्थ होने वाले

दो दिनों से पॉजिटिव मरीजों के मुकाबले डिस्चार्ज होने वालों की संख्या ज्यादा है। हेल्थ की कोरोना रिपोर्ट के अनुसार 907 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए। इस दौरान 795 नए केस आए। 7 लोगों की मौत अधिकृत रूप से दर्ज हुई है।

ठीक होने वालों की संख्या भले ही कुछ राहत दे रही, लेकिन संसाधनों की कमी अब भी बरकरार है। वायरस की चपेट में आने के बाद से मरीज इलाज के लिए भटक रहा है। बिस्तर, वेंटिलेटर, आईसीयू और अब एक बार फिर से रेमडेसिविर की बेहद कमी सामने आने लगी है।

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