दिल्ली में स्मॉग: 20 फ्लाइट्स पर असर; स्कूल बंद हों, लोग बाहर न निकलें-IMA

नई दिल्ली. दिल्ली में दो दिन से पॉल्यूशन का लेवल नॉर्मल से तीन गुना ज्यादा हो गया है। मंगलवार को भी राजधानी में स्मॉग देखा गया। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम हो गई। इस वजह से 20 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इसे लेकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को लेटर लिखा। इसमें सुबह के वक्त स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी पूरी तरह से बंद करने की अपील की गई है। IMA ने कहा- स्कूलों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। जब तक जरूरी न हो, घरों के बाहर न निकलें। बता दें कि दिल्ली में स्मॉग (धुएं और कोहरे का मिक्सचर) की मोटी परत जमी है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा- दौड़ना तो दूर लोग बाहर पैदल तक न चलें

– इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रेसिडेंट डॉ. केके अग्रवाल के मुताबिक, "हमने दिल्ली के लिए हेल्थ इमरजेंसी डिक्लेयर की है। पॉल्यूशन का लेवल कम नहीं आ जाता, लोगों को दौड़ना तो दूर वॉक भी नहीं करना चाहिए। इससे हार्ट डिजीज और अचानक मौत का खतरा हो सकता है। स्कूलों को तुरंत बंद करना चाहिए। बच्चों को नुकसान हो सकता है। जरूरी न हो तो लोग घरों से बाहर न निकलें।"

– सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CBCB) ने एयर क्वालिटी को सीवियर (खतरनाक) करार दिया है। इससे पहले 20 अक्टूबर (दिवाली के दूसरे दिन) को भी दिल्ली में एयर क्वालिटी को सीवियर घोषित किया गया था।

स्कूलों में सुबह आउटडोर एक्टिविटी बंद करें, बच्चों के फेफड़ों पर पड़ता है असर

– मौजूदा वक्त में दिल्ली में पॉल्यूशन का लेवल सामान्य से तीन गुना ज्यादा है। इसके कारण सुबह के समय स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी करने से बच्चों के फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ सकता है। यही नहीं दिल्ली के 14 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन पर एयर क्वालिटी बहुत खराब है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 है, जबकि 100 को नॉर्मल माना जाता है।

नाइट्रोजन ऑक्साइड का लेवल साढ़े सात गुना बढ़

– दिल्ली में सर्दियां शुरू होने के बाद इस सीजन में पहली बार नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे बेहद खतरनाक पॉल्यूशन पार्टिकल्स का लेवल साढ़े सात गुना तक बढ़ गया है। रविवार रात डेढ़ बजे नाइट्रोजन ऑक्साइड का स्तर 600 एमजीसीएम तक पहुंच गया। इसका नॉर्मल लेवल 80 एमजीसीएम होता है। वहीं, सोमवार को आनंद विहार और आरकेपुरम में इसका लेवल 120 से ज्यादा दर्ज हुआ। आरकेपुरम में शाम छह बजे नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का लेवल 170 एमजीसीएम दर्ज हुआ।

– 20 में से 12 पॉल्यूशन मॉनिटरिंग स्टेशनों में पीएम 2.5 का स्तर 150 से ज्यादा दर्ज हो रहा है।

गाड़ियों केपॉल्यूशनपार्टिकलहोते हैं नाइट्रोजन ऑक्साइड

– एक्सपर्ट का कहना है कि नाइट्रोजन ऑक्साइड गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषित कण होते हैं। इनका स्तर सुबह, शाम और रात में ज्यादा हो रहा है। इसका कारण तापमान कम होना शुरू हो गया है, जिससे ये ऊपर न उठकर पृथ्वी के करीब ही रह जाते हैं। 

– सोमवार को शहर के 17 पॉल्यूशन मॉनिटरिंग स्टेशनों में पीएम 2.5 और पीएम 10 की एयर क्वालिटी इंडेक्स में 24 घंटे की वैल्यू 354 दर्ज हुई। यह और बढ़ने की आशंका है।

बढ़ेगी आंखों में जलन बच्चों के लिए भी खतरनाक

– इंडियन एसोसिएशन फॉर एयर पॉल्यूशन कंट्रोल के जनरल सेक्रेटरी श्याम कृष्ण गुप्ता का कहना है कि गाड़ियों के प्रदूषण से पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में 50% तक बढ़ोतरी हो रही है। इससे नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर ज्यादा दर्ज हो रहा है। इससे आंखों में जलन होने लगती हैं। यह फेफड़ों की कोशिकाओं में भी असर डालता है। इनसे दिल की धमनियों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों को आउटडोर एक्टिविटी में कम-से- कम हिस्सा लेना चाहिए।

धुंध और धूल के पार्टिकल्स बढ़ा रहे हैं पॉल्यूशन लेवल

– 12 पॉल्यूशन मॉनिटरिंग स्टेशनों में पीएम 2.5 का स्तर 150 से ज्यादा दर्ज हो रहा है। स्काइमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि पहले 12 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा तेज हवा चल रही थी। सोमवार से यह 3 किमी रही। इससे दिल्ली में पीएम 2.5 और पीएम-10 जैसे प्रदूषित कणों के साथ गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषित कणों में भी इजाफा हो रहा है। सुबह के वक्त धुंध के साथ धूल के कण मिलकर पॉल्यूशन को बढ़ा रहे हैं।

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