पटरी पर मिली थी 3 दिन पहले लाश, परिजन बोले- गाय ले जाते में गो-रक्षकों ने की हत्या

अलवर.7 माह पहले अलवर के बहरोड़ में हुई पहलू खान की हत्या का मामला शांत ही नहीं हुआ कि फिर वैसा ही मामला सामने आया है। अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले 10 नवंबर को अलवर-मथुरा रेलवे ट्रैक पर मिले शव की शिनाख्त भरतपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्र के घाटमीका निवासी 40 वर्षीय उमर खान के रूप में होने के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि उमर व उसके दो साथी साथी ताहिर और जावेद गायें लेकर भरतपुर जा रहे थे। तभी अलवर के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में 7-8 लोगों ने पिकअप रुकवा ली और बंदूक-धारदार हथियारों से हमला कर दिया। कथित गो रक्षकों ने गोली मारकर उमर की हत्या कर दी। जबकि, ताहिर खां को घायल कर दिया, जिसका हरियाणा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीसरा साथी जावेद अभी लापता है। दिनभर के हंगामे के बाद शाम को मामला तब शांत हुआ जब शव को पोस्टमार्टम के लिए जयपुर भेज दिया गया। पुलिस ने वारदात में शामिल एक व्यक्ति को हिरासत लिया है। उसे घटना का मास्टरमाइंड बताया है।

 

गौरतलब है कि अलवर जिले के ही बहरोड़ में करीब सात माह पहले 3 अप्रैल को गोरक्षकों द्वारा पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि वारदात के बाद हमलावर सबूत मिटाने के लिए शव को 15 किमी दूर रामगढ़ थाना क्षेत्र में अलवर-मथुरा रेलवे लाइन पर पटक गए। उनकी पिकअप गोविंदगढ़ के फाहरी गांव में कच्चे रास्ते पर क्षतिग्रस्त हाल में मिली थी।

शव की शिनाख्त व मामला दर्ज कराने कोई नहीं आया-रामगढ़ पुलिस

पुलिस के अनुसार 10 नवंबर को गो तस्करी के वाहन जब्ती का मामला गोविंदगढ़ और लावारिस शव मिलने का मामला रामगढ़ थाने में दर्ज हुआ। रामगढ़ थानाधिकारी अजीत सिंह ने कहा कि थाने में कोई भी शव की शिनाख्त करने और मामला दर्ज कराने नहीं आया। उधर, गोविन्दगढ़ थाना के प्रभारी थानेदार बंशीराम ने बताया कि गाेतस्करी के वाहन जब्त किया।

पिकअप से मिले थे 3 बछड़े और तीन गाय

पुलिस ने 10 नवंबर को फाहरी के पास पिकअप बरामद की थी। वाहन में 3 गाय व 3 बछड़े मिले थे। इनमें से एक गाय की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पिकअप जब्त कर गोविंदगढ़ थाना में खड़ी करवा दी। रविवार को सीओ रामजीलाल चौधरी की मौजूदगी में फोरेंसिक टीम ने पिकअप की जांच की। गाड़ी के अगले दो पहिये खुले मिले व आगे का शीशा टूटा था। हालांकि फोरेंसिक टीम ने कोई बयान नहीं दिया।

शाम को शव जयपुर भेजा, धरना खत्म

डॉक्टरों की हड़ताल के चलते पुलिस शव को अलवर ले आई व सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। रविवार को मृतक के परिजन वहां पहुंचे और गोरक्षकों द्वारा हत्या करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना पर पुलिस अफसर अस्पताल पहुंचे और समझाइश की वे नारे लगाते रहे। फिर तीन वरिष्ठ चिकित्सकों ने मृतक के शव की जांच और एक्स रे किया। एक्स रे में शव के भीतर गोली नहीं मिली। शाम को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जयपुर भेज दिया। उसके बाद धरना समाप्त हो गया।

हमलावर खुद को गो-रक्षक बता रहे थे : मृतक के चाचा

मृतक के चाचा इलियास ने डीएसपी बेनीवाल को रिपोर्ट दी कि 10 नवंबर को सुबह 5-6 बजे उसका भतीजा उमर और उसके दो साथी में गाड़ी में गायें लेकर घर भरतपुर जा रहे थे। तभी 7-8 लोगों वाहन रूकवाया और जान से मारने की नियत से बंदूक और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गोली लगने से उमर की मौत हो गई। हमला करने वालों में से एक व्यक्ति को दूसरे लोग राकेश के नाम से पुकार रहे थे। वे खुद को गोरक्षा दल के सदस्य बता रहे थे।

परिजन बोले-24 घंटे में हो गिरफ्तारी

परिजनों ने मांग की है कि 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी हो। आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कॉपी उपलब्ध कराएं। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड कराने की मांग रखी। शाम को शव जयपुर भेज दिया गया। मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद ने कहा कि सोमवार को आगे की रणनीति तय करेंगे।

मास्टर माइंड ने बताया घटना में 6 लोग शामिल थे : एसपी

एसपी राहुल प्रकाश के मुताबिक, मृतक के परिजनों ने जो रिपोर्ट दी है वह दर्ज कर ली गई है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। इस संबंध में पूरी घटना का मास्टरमाइंड पकड़ा है। जिसने प्रथम दृष्टया पूछताछ में घटना में छह लोगों का शामिल होना बताया है। शीघ्र मामले का खुलासा कर देंगे। शव को पोस्टमार्टम के लिए जयपुर भेजा गया है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक की रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारणों का सही पता चल सकेगा।

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