मुफ्ती अब्दुल रज्जाक साहब का इंतकाल, जनाजे में भीड़ की आशंका देख DIG-कलेक्टर ने संभाला मोर्चा

भोपाल राजधानी के सबसे पुराने और बड़े मदरसा मस्जिद तर्जुमा वाली के संस्थापक संचालक मुफ्ती अब्दुल रज्जाक साहब का बुधवार रात इंतकाल हो गया। मुफ्ती रज्जाक के इंतकाल की खबर से शहर में शोक की लहर छा गई। गुरुवार को उनके जनाजे में शामिल होने के लिए लोग जमा होने लगे। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुराने भोपाल को पूरी तरह सील कर दिया। इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जगह-जगह बेरीकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए। लोगों से लगातार घर में रहने की अपलील की जा रही है। डीआईजी इरशाद वली और कलेक्टर अविनाश लवानिया ने लोगों से घर में रहने की अपील की है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। अगर कोई इसका पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी के सबसे बड़े दीनी मदरसा के संचालक थे। शहर और प्रदेश भर के कई बड़े काजी, मुफ्ती और आलिम उनके शागिर्द रहे हैं। स्वतंत्रता सेनानी रहे रज्जाक को सियासी, सामाजिक, दीनी और हर वर्ग में समान सम्मान हासिल था। उनकी नमाज ए जनाजा और दफन के लिए समय निर्धारित करने की बैठक फिलहाल जारी है।

भोपाल टाकीज, शाहजहानाबाद, सिंधी कॉलोनी, भारत टाकीज, बुधवारा, इतवारा, काली मंदिर, कमला पार्क, कोहेफिजा आदि स्थानों पर सुबह से ही रास्ते रोक दिए गए हैं। इन इलाकों में सख्त पुलिस पहरे के चलते किसी को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

पुराने भोपाल को आने-जाने वाले सभी रास्ते बंद कर पुलिस बल तैनात किया गया है।

बदलना पड़ा समय और नमाज का स्थान

लॉक डाउन के हालात और कर्फ्यू की पाबंदियों के बीच लोगों के जमने की संभावना को देखते हुए मुफ्ती के परिजन ने ऐन वक्त पर कार्यक्रम में बदलाव कर दिया है। पहले तय समय दोपहर दो बजे की बजाय अब नमाज दोपहर 12 बजे अदा की जाएगी। ये इकबाल मैदान की बजाय अब तर्जुमा वाली मस्जिद में ही अदा की जाएगी। दफनाने के लिए भी कम संख्या में लोगों को शामिल होने की हिदायत दी जा रही है।

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