लखवी के भतीजे समेत पाक के छह आतंकी मार गिराए

श्रीनगर : सुरक्षाबलों ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के हाजिन (बांडीपोर) में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेतृत्व का लगभग पूरी तरह सफाया करते हुए ओसामा जंगी, महमूद भाई और जरगाम समेत छह दुर्दात पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। उबैद उर्फ उमैर उर्फ ओसामा जंगी लश्कर में हाफिज सईद के बाद नंबर दो की हैसियत रखने वाले अब्दुल रहमान मक्की का बेटा और मुंबई हमलों के गुनाहगार जकी-उर रहमान का भतीजा है। ओसामा जंगी का बड़ा भाई अबु मुसैब भी इसी साल 19 जनवरी को हाजिन के पर्रे मोहल्ले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। लगभग तीन घंटे चली हाजिन मुठभेड़ में वायुसेना का एक गरुड़ कमांडो शहीद व एक अन्य सैन्यकर्मी घायल हो गया। शहीद की पहचान जेपी निराला के रूप में हुई है। निराला की यूनिट चंडीगढ़ में है और वह तीन माह पहले ही आतंकरोधी अभियान के तहत स्पेशल ड्यूटी पर बांडीपोर में सेना के साथ तैनात हुए थे। इसी माह पुलवामा में भी सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में हिजबुल के अंतरराष्ट्रीय आतंकी मसूद अजहर के भतीजे तल्हा रशीद को मार गिराया था।
हाजिन मुठभेड़ में महमूद भाई और लखवी के भतीजे के मारे जाने की खबर फैलते ही ¨हसा भड़क उठी। भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को लाठियों और आंसूगैस के अलावा गोली भी चलानी पड़ी। देर रात तक जारी ¨हसक झड़पों में दो लोग जख्मी हो गए थे। इनमें से एक की टांग में गोली लगी है। हाजिन समेत पूरे बांडीपोर में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है।
यह मुठभेड़ हाजिन कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर चंदरगीर इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश और हिमपात से बचने के लिए लश्कर के छह से सात आतंकी सुबह चंदरगीर में अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आकर रुके थे। इसका पता चलते ही सेना की 13 आरआर के जवानों ने पुलिस के विशेष अभियान दल के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया।
सूत्रों ने बताया कि शाम करीब चार बजे जब जवानों का दल जामिया मोहल्ले में दाखिल हुआ तो एक मकान में छिपे आतंकियों ने घेराबंदी तोड़ भागने का प्रयास करते हुए उन पर गोलियां चलाई। जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। पहले एक घंटे में ही सुरक्षाबलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया, लेकिन इस दौरान दो सैन्यकर्मी भी घायल हो गए, जिनमें से वायुसेना के गरुड़ कमांडो ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि छठा आतंकी करीब पौने छह बजे मारा गया। लगभग आधा घंटा जब आतंकियों की तरफ से दोबारा फायरिंग नहीं हुई तो जवानों ने सावधानी पूर्वक पूरे इलाके की तलाशी ली और सात बजे अभियान को समाप्त घोषित कर दिया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने मुठभेड़ में छह आतंकियों के मारे जाने, एक गरुड़ कमांडो की शहादत व एक सैन्यकर्मी के घायल होने की पुष्टि की। वहीं राज्य पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने हाजिन मुठभेड़ की सफलता के लिए सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियों को बधाई देते हुए बताया कि महमूद भाई, जरगाम और ओसामा समेत लश्कर के छह आतंकी मारे गए हैं। उत्तरी कश्मीर में लश्कर लगभग पूरी तरह साफ हो गई है।
चार माह पहले आया था ओसामा :
सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया लखवी का भतीजा ओसामा जंगी करीब चार माह पहले ही सीमा पार कर उत्तरी कश्मीर आया था। इसके अलावा मुठभेड़ में मारा गया महमूद भाई उत्तरी कश्मीर में लश्कर का डिवीजनल कमांडर था और इसी साल 28 सितंबर को बीएसएफ के एक जवान को घर से निकालकर मार गिराने के अलावा कई वारदात में वांछित था।
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कौन है जकी उर रहमान लखवी :
जकी उर रहमान लखवी लश्कर की सारी गतिविधियों का प्रभारी अथवा मिल्ट्री चीफ है। 30 दिसंबर 1960 को पैदा हुए लखवी को चाचा के नाम से भी पुकारा जाता है। लश्कर व जमायत उल दावा के संस्थापक हाफिज सईद के दामाद वलीद के पास सिर्फ कश्मीर में आंतंकियों को भेजने की जिम्मेदारी है, लेकिन लखवी न सिर्फ पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए बल्कि चेचेन्या, बोसनिया, इराक और अफगानीस्तान में भी लश्कर के आतंकियों को भेजने व प्रमुख हमलों की साजिश रचने के लिए भी जिम्मेदार है। मुंबई हमले की साजिश का भी वह मुख्य सूत्रधार है और इस मामले में पाकिस्तान में उसकी गिरफ्तारी भी हुई है। वह भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घोषित कराए गए आतंकियों की सूची में तीसरे नंबर पर है।
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कौन है अब्दुल रहमान मक्की :
अब्दुल रहमान मक्की लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद की पत्नी और जकी उर रहमान का भाई है। वह लश्कर के मुख्य संगठन जमायत उल दावा की गतिविधियों को देखता है। पाकिस्तान की सरकार ने जब हाफिज सईद को नजरबंद किया था तो जमायत उल दावा व लश्कर की प्रशासकीय गतिविधियों की सारी जिम्मेदारी हाफिज सईद ने अब्दुल रहमान मक्की को ही सौंपी थी। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि पुणे में जर्मन बेकरी बम विस्फोट से चंद दिन पहले उसने गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में अपने एक भाषण में पुणे समेत भारत के कई शहरों को निशाना बनाने का एलान किया था।
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बांडीपोर में डेढ़ माह में तीन गरुड़ कमांडो शहीद :
उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर में आतंकियों को मार गिराने के अभियानों में करीब डेढ़ माह में वायुसेना के तीन गरुड़ कमांडो शहीद हो चुके हैं। वर्ष 2003 में स्थापित गरुड़ कमांडो के एक दस्ते को इसी वर्ष आतंकरोधी अभियानों के संचालन की पूरी जानकारी हासिल करने और ट्रेनिंग के लिए उत्तरी कश्मीर में सेना के साथ तैनात किया गया है। इसी दस्ते के दो कमांडो सार्जेंट मिलिंद किशोर और कार्पाेरल नीलेश कुमार गत माह 11 अक्तूबर को हाजिन में लश्कर के आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे। शनिवार को हाजिन में एक और गरुड़ कमांडो शहीद हो गया।
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मारे गए आतंकियों की पहचान :
1. उबैद उर्फ ओसामा जंगी
2. महमूद भाई
3. अबु जरगाम
4. अबु कित्तल
5. अबु माविया
6. अमेर
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