UPSC में बेगूसराय की चमक, IPS रुचि और मेजर नीतीश ने जिले का नाम किया रोशन

बेगूसराय।बिहार के बेगूसराय जिले के लिए इस वर्ष संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा खास रही। जिले के दो होनहार युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। चेरिया बरियारपुर प्रखंड के कोरजना गांव की नतनी रुचि सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 171 हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में स्थान बनाया है। वर्तमान में वे पंचायती राज अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, शाम्हो थाना क्षेत्र के बिजुलिया पश्चिम टोला निवासी नीतीश कुमार ने 305वीं रैंक प्राप्त कर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई है। वे वर्तमान में मेजर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों की सफलता से जिले भर में खुशी का माहौल है।
रुचि सिंह बनीं आईपीएस, 171वीं रैंक हासिल
बेगूसराय की बेटी रुचि सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 171वां रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया है। रुचि सिंह कोरजना गांव निवासी उमा कांत सिंह की नातिनी हैं और उनका बचपन इसी गांव में बीता। जैसे ही उनकी सफलता की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। रुचि सिंह के पिता रामशंकर सिंह पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर बांका जिले में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां निशा सिंह कोरजना गांव की निवासी हैं। रुचि सिंह की प्रारंभिक शिक्षा बेगूसराय के बीआरडीएबी स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से आगे की पढ़ाई की और कड़ी मेहनत के दम पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
आर्मी के मेजर नीतीश कुमार ने हासिल की 305वीं रैंक
जिले के शाम्हो थाना क्षेत्र के बिजुलिया पश्चिम टोला निवासी नीतीश कुमार ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 305वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। नीतीश कुमार शिवाकांत सिंह और शिक्षिका किरण सिंह के पुत्र हैं। उनके दादा नारायण शर्मा अपने समय के जाने-माने नेता रहे हैं और बिजुलिया पैक्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। नीतीश कुमार की प्रारंभिक शिक्षा गांव के मध्य विद्यालय बिजुलिया से हुई, जहां से उन्होंने आठवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से मैट्रिक और महाराष्ट्र से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इंटर के बाद वे मेडिकल की तैयारी के लिए पटना पहुंचे, लेकिन इसी दौरान उन्होंने एनडीए परीक्षा पास कर ली और भारतीय सेना में अधिकारी बनने का रास्ता चुना। वे वर्ष 2010 से भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवा दे रहे हैं और वर्तमान में मेजर के पद पर तैनात हैं।
नौकरी की व्यस्तता के बावजूद नीतीश कुमार ने स्वयं अध्ययन करते हुए यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और एंथ्रोपोलॉजी विषय के साथ तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। इससे पहले वे एक बार इंटरव्यू तक भी पहुँच चुके थे। दोनों की इस सफलता से बेगूसराय जिले में युवाओं के लिए प्रेरणा और गर्व का माहौल बना है।
