भोपाल नगर निगम का 3938 करोड़ का बजट पेश, देर शाम तक चली परिषद की बैठक, कई छिपे हुए चार्ज बढ़े

भोपाल : नगर निगम भोपाल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3938.45 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है. निगम ने भले ही नए टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन सीवेज फीस, कचरा प्रबंधन शुल्क और अन्य व्यवस्थाओं के चार्ज बढ़ा दिए हैं, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक असर पड़ना तय है. वहीं आय-व्यय संतुलित रखने के बावजूद 108.89 करोड़ रुपए का संभावित घाटा भी बजट में शामिल है.

हंगामे के बीच पेश हुआ भोपाल का चौथा बजट

आईएसबीटी स्थित नगर निगम मुख्यालय में सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे परिषद की बैठक शुरू हुई, जो देर शाम तक चली. बैठक की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसके बाद तीन प्रस्तावों पर चर्चा हुई. एक प्रस्ताव को वापस कर दिया गया, जबकि दो प्रस्तावों को आगे बढ़ाया गया. इसके बाद महापौर मालती राय ने बजट भाषण प्रस्तुत किया. इस दौरान पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. बता दें की यह वर्तमान निगम परिषद का चौथा बजट है.

टैक्स नहीं बढ़ा, लेकिन कई चार्ज बढ़ाए

नगर निगम ने इस बार सीधे तौर पर प्रॉपर्टी टैक्स, पानी या सीवेज टैक्स में बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन सीवेज कनेक्शन फीस में 10 से 18 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है. अलग-अलग श्रेणियों और प्लॉट साइज के अनुसार शुल्क बढ़ाया गया है. इसके साथ ही कचरा प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. अब कॉलोनियों, सोसाइटियों और संस्थानों से मासिक शुल्क लेने के बजाय कचरे के वजन के आधार पर चार्ज वसूला जाएगा. निगम ने इसे 'बल्क वेस्ट जनरेटर' श्रेणी में रखा है. इसके तहत रिहायशी सोसायटी से 2100 रुपए प्रति टन, संस्थानों से 2400 रुपए प्रति टन और व्यावसायिक इकाइयों से 2700 रुपए प्रति टन शुल्क लिया जाएगा. इससे बड़े परिसरों पर खर्च बढ़ना तय है.

अमृत-2 से बदलेगी पानी और सीवेज व्यवस्था

बजट में अमृत-2 योजना को प्रमुखता दी गई है. इस योजना के तहत 582 करोड़ रुपए से शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. इसमें 36 स्थानों पर ओवरहेड टैंक, चार फिल्टर प्लांट और करीब 600 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएंगी. इसके अलावा 1050 करोड़ रुपए की लागत से सीवेज नेटवर्किंग का विस्तार किया जाएगा. निगम के अनुसार इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर शहर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा सीवेज नेटवर्क से जुड़ जाएगा और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी.

तालाब और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

शहर के जल स्रोतों को सुधारने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं. बड़े तालाब के लिए 14.91 करोड़, छोटे तालाब के लिए 7 करोड़, शाहपुरा तालाब के लिए 9 करोड़ और कलियासोत नदी के लिए 33 करोड़ रुपए रखे गए हैं.

आवास और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

प्रधानमंत्री आवास योजना-2 के तहत दीपड़ी और राजेंद्र नगर में 1856 मकान बनाए जाएंगे, जिन पर करीब 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसके अलावा कवर्ड कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन खत्म कर व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने की योजना है, जिस पर 874 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

शहर में ट्रैफिक और बाजार व्यवस्था पर जोर

ट्रैफिक और बाजार व्यवस्था सुधारने के लिए नया न्यू मार्केट, कवर्ड मीट मार्केट और सब्जी मंडी शिफ्ट करने की योजना भी बजट में शामिल है. पुराने शहर से ट्रांसपोर्ट को कोकता क्षेत्र में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही बजट में सामाजिक और कर्मचारी हित से जुड़ी योजनाओं को भी शामिल किया गया है. निगम कर्मचारियों के बच्चों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपए कर दी गई है. ड्यूटी के दौरान घायल होने पर 2 लाख और मृत्यु की स्थिति में 4 लाख रुपए सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है.

5 करोड़ रु से विद्युत शव दाह गृह

नए बजट के अनुसार बरखेड़ी खुर्द में 5 करोड़ की लागत से विद्युत शवदाह गृह बनाया जाएगा. पार्कों के विकास, प्रतिमाओं की स्थापना, स्ट्रीट लाइट और कम्युनिटी हॉल के रखरखाव के लिए भी बजट रखा गया है. झील महोत्सव को फिर से शुरू करने के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

महापौर-अध्यक्ष के बजट में कटौती

इस बार बजट में महापौर, अध्यक्ष और एमआईसी फंड को खत्म कर दिया गया है. इसके बजाय हर वार्ड को 50 लाख रुपए की वार्ड नियोजन निधि दी जाएगी. साथ ही 1200 बजट मदों में से 400 को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब कुल 800 मद ही रह गए हैं.

लेगेसी वेस्ट पर विवाद, प्रस्ताव वापस लौटा

आदमपुर छावनी में जमा लेगेसी वेस्ट हटाने का 55 करोड़ रुपए का प्रस्ताव परिषद में विवाद का कारण बना. नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य विपक्ष के पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके चलते निगम अध्यक्ष किशन सुरवंशी ने इस प्रस्ताव को वापस कर दिया और आयुक्त संस्कृति जैन को निर्णय लेने के लिए निर्देशित किया. हालांकि, आयुक्त ने वित्तीय अधिकार सीमित होने का हवाला देते हुए परिषद से पुनर्विचार का अनुरोध किया.

शहर में बनेगी 14 नई पार्किंग

बैठक में 145 अनुपयोगी वाहनों को स्क्रैप करने और 14 नई पार्किंग बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके अलावा मनोरंजन कर को भी नए तरीके से लागू करने का फैसला लिया गया है, जिसमें आयोजनों के आकार और प्रकार के आधार पर टैक्स तय होगा.

आने वाले समय में बढ़ सकता है प्रॉपर्टी टैक्स

बजट में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन 85 में से 53 वार्डों में क्षेत्रीय पुनर्गठन के कारण भविष्य में टैक्स बढ़ सकता है. कई स्थानों पर अब तक पक्के मकानों से भी झुग्गी दर पर टैक्स लिया जा रहा था, जिसे संशोधित किया जाएगा.

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