भाजपा नेता के ‘हिंदू विधायक’ बयान पर मचा घमासान, EC को रिपोर्ट भेजने की तैयारी

तिरुवनंतपुरम। केरल में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत में खासी हलचल है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तेज होती तैयारियों और पार्टियों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब भाजपा उम्मीदवार बी गोपालकृष्णन के विवादित बयान ने नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। इस मामले में केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर ने मंगलवार को बताया कि गोपालकृष्णन की तरफ से दिए गए 'हिंदू विधायक' बयान को लेकर शिकायत मिली थी और इस पर कानूनी राय प्राप्त हो गई है। केलकर ने आगी की कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि इस कानूनी राय के आधार पर जल्द ही चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आयोग की सलाह के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि भाजपा ने इसे सिर्फ एक टिप्पणी के रूप में ठहराया है। 

चुनाव आयोग के मार्गदर्शन में होगी कार्रवाई- सीईओ

केरल के सीईओ के अनुसार, सोमवार को स्टैंडिंग काउंसल से कानूनी राय मिली थी। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई चुनाव आयोग के मार्गदर्शन के अनुसार की जाएगी। हालांकि, उन्होंने उम्मीदवार के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की।

गोपालकृष्णन के बचाव में उतरे केरल भाजपा अध्यक्ष

इससे पहले बढ़ते विवाद के बीच भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को गोपालकृष्णन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी के खिलाफ नहीं था और इसे नफरत भरी भाषा नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि उम्मीदवार केवल यह बता रहे थे कि भक्तों के मुद्दों को देखते हुए क्षेत्र में एक ‘विश्वासी विधायक’ की जरूरत है।

समझिए क्या है पूरा विवाद

गौरतलब है कि यह विवाद उस प्रचार वीडियो से जुड़ा है जिसमें भाजपा नेता और उम्मीदवार गोपालकृष्णन ने आरोप लगाया था कि गुरुवायुर निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 50 वर्षों से कोई हिंदू विधायक नहीं चुना गया और इस क्षेत्र में कांग्रेस और वाममोर्चा ने हिंदू उम्मीदवार नहीं उतारे। सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने इस बयान की कड़ी निंदा की और ईसीआई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ईसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया, फिर गुरुवायुर पुलिस ने बीएनएस और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

Leave a Reply