एसआईआर में फर्जी आपत्तियां दर्ज होने के मामले पर कांग्रेस हमलावर…….भाजपा लोकतंत्र का चीरहरण कर रही

जयपुर। राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान तेज है। अलवर के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के नाम पर एक ही दिन में 1383 फर्जी आपत्तियां दर्ज होने के मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र का चीरहरण करने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सुनियोजित साजिश बताया है। पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि रामगढ़ का मामला इसका सबूत है कि प्रदेश में किस स्तर पर लोकतंत्र से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिन बीएलए के नाम पर आपत्तियां दाखिल की गईं, वे स्वयं हस्ताक्षर से मना कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि यह सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जनादेश पर डकैती डालने का षड्यंत्र है। गहलोत ने प्रशासन और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन से मांग की कि इस जालसाजी में शामिल लोगों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एसआईआर प्रक्रिया को वोट काटने और लोकतंत्र की हत्या का हथियार बनाया है। डोटासरा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल कर कहा कि बाड़मेर में एक व्यक्ति द्वारा 188 मतदाताओं के नाम पर फर्जी आपत्तियां और रामगढ़ में 1383 ऑफलाइन आपत्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश भर में संगठित फर्जीवाड़ा चल रहा है।
