कांग्रेस का बड़ा दांव: बिहार में BJP को हराने के लिए हिंदुत्व के खिलाफ राहुल गांधी की नई रणनीति

कांग्रेस आज के दौर में मंडल कमंडल की राजनीति की तर्ज पर बीजेपी से टकराने को तैयार है. अब कांग्रेस ने बिहार के नए जिला अध्यक्षों की लिस्ट जारी की है, जिसमें राहुल गांधी के नारा, जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी को कमोबेश लागू करने की कोशिश दिखाई पड़ती है. राहुल जातिगत जनगणना और आरक्षण की 50 फीसदी सीमा को तोड़ने का ऐलान कर चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस संगठन में इस दिशा में कदम उठाने के बाद, अब बिहार के जारी 40 जिलों के अध्यक्षों की लिस्ट में कौन किस जाति से हैं?

  • सवर्ण 14 (भूमिहार 6, ब्राह्मण 4, राजपूत 3, कायस्थ 1)
  • दलित 5 ( पासवान 3, रविदासी 2)
  • अल्पसंख्यक 7 (मुसलमान 6, सिख 1)
  • ओबीसी 10 ( यादव 5, कुर्मी 2, कुशवाहा 3)
  • अतिपिछड़ा3 (धानुक 1, नोनिया 1, कहार 1)
  • वैश्य 1

हिंदुत्व की काट के लिए राहुल चल रहे ये दांव

कुल मिलाकर राहुल लगातार हिंदुत्व की काट के लिए जाति की सियासत पर दांव लगाते दिख रहे हैं. दरअसल, राहुल गांधी जब बिहार के दौरे पर गए थे. तब उन्होंने अपने भाषण में साफ कर दिया था कि कांग्रेस अब बिहार में सवर्ण के साथ अतिपिछड़ों और दलितों को जगह देने जा रही है. मगर जो लिस्ट सामने आई है, उसमें सबसे ज्यादा सवर्णों को जगह दी गई है और सबसे कम दलितों को.कांग्रेस ने एक दलित चेहरा राजेश कुमार को बिहार कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन दलितों की दावेदारी में कटौती की गई है.

सभी जिला अध्यक्षों को खास निर्देश

राहुल गांधी ने सभी जिला अध्यक्षों को खास निर्देश दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने अध्यक्षों से कहा है कि वो मतदाता सूची पर नजर रखें. वोटर लिस्ट में कोई बदलाव होने पर आपत्ति जताने की बात भी सामने आई है. उनसे ये भी कहा गया है कि वो नमो को जोड़ने या हटाने पर नजर रखें. राहुल का कहना है कि वोटर लिस्ट को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. जिला अध्यक्षों को मजबूत करने का मूल मंत्र दिया गया है. जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं.

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